रामगढ़ की उत्तर उरीमारी कोयला खदान में माइनिंग टूरिज्म, 2,500 रुपये में गाइडेड भ्रमण

उत्तर उरीमारी की सक्रिय ओपन-कास्ट कोयला खदान में पर्यटक खनन प्रक्रिया और निर्धारित समय की ब्लास्टिंग देख सकेंगे। रांची से शुरू होने वाले भ्रमण का शुल्क प्रति व्यक्ति 2,500 रुपये और जीएसटी है।

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रामगढ़ की उत्तर उरीमारी ओपन-कास्ट कोयला खदान का दृश्य

रामगढ़ जिले की उत्तर उरीमारी ओपन-कास्ट कोयला खदान को माइनिंग टूरिज्म से जोड़ा गया है। इस गाइडेड भ्रमण में पर्यटकों को सक्रिय खदान के भीतर कोयला निकालने की प्रक्रिया समझने और निर्धारित समय पर होने वाली ब्लास्टिंग देखने का अवसर मिल रहा है। पहल का उद्देश्य खनन गतिविधियों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के साथ राज्य में पर्यटन का नया विकल्प विकसित करना है।

इस यात्रा की शुरुआत रांची से होती है। पर्यटकों को वाहनों से खदान तक ले जाने की व्यवस्था है। रास्ते में पतरातू घाटी में भोजन और विश्राम रखा गया है। खदान पहुंचने के बाद सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के गाइड और कर्मचारी भ्रमण दल के साथ रहते हैं तथा खनन की अलग-अलग प्रक्रियाओं की जानकारी देते हैं।

यात्रा के लिए प्रति व्यक्ति 2,500 रुपये शुल्क तय किया गया है, जबकि जीएसटी अलग से देना होगा। बुकिंग झारखंड पर्यटन विकास निगम की वेबसाइट के माध्यम से की जा सकती है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार से भी पर्यटकों ने इस भ्रमण के लिए बुकिंग कराई है।

राज्य में इस योजना की रूपरेखा अप्रैल 2025 में बनी थी। इसके बाद 21 जुलाई 2025 को झारखंड पर्यटन विकास निगम और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के बीच पांच वर्षों का समझौता हुआ। सितंबर 2025 में पर्यटकों का पहला समूह उत्तर उरीमारी खदान के भ्रमण पर पहुंचा था। अब तक यहां 12 से 13 पर्यटक समूहों के दौरे दर्ज किए गए हैं।

राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार झारखंड में घरेलू पर्यटकों की संख्या 2022 के 3.83 करोड़ से बढ़कर 2024 में 5.40 करोड़ हो गई। इसी बढ़ती गतिविधि के बीच खनन क्षेत्रों को पर्यटन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। उत्तर उरीमारी का भ्रमण औद्योगिक गतिविधि को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर देता है।

राज्य सरकार भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के साथ एक अन्य माइनिंग टूरिज्म सर्किट विकसित करने पर भी काम कर रही है। तांबे और आमंदी की खदानों को पर्यटकों के लिए खोलने की योजना का भी उल्लेख है, जिसके लिए टाटा स्टील के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन प्रस्तावों के आगे बढ़ने पर झारखंड के पर्यटन मानचित्र में और खनन स्थल जुड़ सकते हैं।