झारखंड के वरिष्ठ राजनीतिक नेता और पलामू के पूर्व सांसद ब्रज मोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से 12 अक्टूबर को जारी अधिसूचना में उनकी नियुक्ति की घोषणा की गई। वह हरि बाबू कंभमपति का स्थान लेंगे, जिन्होंने 3 जनवरी 2025 को राज्यपाल का पदभार संभाला था।
ब्रज मोहन राम का जन्म 1 जनवरी 1958 को तत्कालीन बिहार के पलामू जिले के चंदवा में हुआ था। राज्य के पुनर्गठन के बाद चंदवा अब झारखंड के लातेहार जिले में आता है। उनके पिता का नाम अर्जुन राम बैठा और माता का नाम चैती देवी है।
उन्होंने रांची विश्वविद्यालय से संबद्ध लोहरदगा के बीएस कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की। उनका राजनीतिक सफर अविभाजित बिहार से शुरू हुआ। वह 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य रहे और इसके बाद राष्ट्रीय राजनीति में पहुंचे।
ब्रज मोहन राम ने पलामू संसदीय क्षेत्र का लगातार तीन लोकसभा कार्यकाल में प्रतिनिधित्व किया। वह 1996 से 1998 तक 11वीं लोकसभा, 1998 से 1999 तक 12वीं लोकसभा और 1999 से 2004 तक 13वीं लोकसभा के सदस्य रहे। इस तरह उन्हें विधानसभा और संसद, दोनों स्तर पर काम करने का अनुभव है।
सांसद के रूप में उन्होंने ऊर्जा, रेलवे, परिवहन और पर्यटन से जुड़ी संसदीय समितियों में जिम्मेदारियां निभाईं। वह कोयला मंत्रालय की सलाहकार समिति के साथ-साथ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण से संबंधित संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे।
संगठन में भी वह सक्रिय रहे हैं और झारखंड प्रदेश भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश प्रभारी समेत विभिन्न दायित्व संभाल चुके हैं। अब ओडिशा के राज्यपाल के रूप में उन्हें संवैधानिक जिम्मेदारी दी गई है। पलामू का तीन बार प्रतिनिधित्व कर चुके और लातेहार से मूल जुड़ाव रखने वाले नेता की इस नियुक्ति का संबंध झारखंड के राजनीतिक परिदृश्य से भी है।