गढ़वा जिले के रंका प्रखंड मुख्यालय में सोमवार को रूपी सोरेन की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। महिमा मैरिज हॉल में झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से हुए कार्यक्रम में पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर सहित पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
रूपी सोरेन झामुमो के संस्थापक और झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता रहे दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता थीं। सभा में उपस्थित लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। उनकी स्मृति में दो मिनट का मौन भी रखा गया।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा कि झारखंड आंदोलन में शिबू सोरेन के साथ रूपी सोरेन का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके अनुसार, आंदोलन के कठिन दौर में रूपी सोरेन ने परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के साथ शिबू सोरेन का सहयोग किया और उनका हौसला बढ़ाया।
ठाकुर ने सभा में कहा कि आंदोलन के दौरान जंगलों में सक्रिय रहने वाले शिबू सोरेन तक रूपी सोरेन भोजन पहुंचाती थीं। उन्होंने यह भी बताया कि विषम परिस्थितियों के बीच रूपी सोरेन ने अपने घर-परिवार को संभाला। कार्यक्रम में उनके सामाजिक और पारिवारिक योगदान को याद किया गया।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को दुख सहने की शक्ति देने के लिए प्रार्थना की गई। वक्ताओं ने रूपी सोरेन के उस विचार का भी उल्लेख किया, जिसमें वह पूरे झारखंड को अपना परिवार मानती थीं।
कार्यक्रम में झामुमो केंद्रीय समिति के सदस्य जवाहर पासवान, तनवीर आलम, मीडिया पैनलिस्ट धीरज दुबे और नितेश सिंह सहित कई स्थानीय नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभा में शामिल लोगों ने रूपी सोरेन की स्मृतियों और झारखंड आंदोलन के समय निभाई गई उनकी भूमिका को साझा किया।