पलामू के रामपुर गोलीकांड की जांच में लापरवाही, सब इंस्पेक्टर निलंबित

बिश्रामपुर एसडीपीओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई। अनुसंधान अधिकारी पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने और आरोपियों को मदद पहुंचाने की कोशिश का आरोप है।

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पलामू के रामपुर गोलीकांड की जांच में लापरवाही पर सब इंस्पेक्टर के निलंबन से जुड़ी खबर

पलामू जिले के रामपुर गोलीकांड के अनुसंधान में कथित लापरवाही सामने आने के बाद सब इंस्पेक्टर क्षितिज सोनी को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई बिश्रामपुर के एसडीपीओ चिरंजीवी मंडल की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई। सोनी चैनपुर थाने में तैनात थे और उन्हें इस मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

यह मामला 23 मई 2026 को चैनपुर थाना क्षेत्र के रामपुर में हुई गोलीबारी से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जमीन विवाद के दौरान हुई फायरिंग में सकेंद्र चौधरी की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए थे। घटना के बाद 17 नामजद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

पुलिस की विभागीय जांच में अनुसंधान के तरीके को लेकर कई सवाल उठाए गए। आरोप है कि जांच अधिकारी ने नामजद आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल नहीं निकलवाई। गिरफ्तार आरोपियों की कॉल डिटेल का उल्लेख केस डायरी में नहीं किए जाने की बात भी सामने आई है।

मामले के अनुसंधान को लेकर पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने कई बिंदुओं पर दिशा-निर्देश जारी किए थे। विभागीय निष्कर्ष के मुताबिक, जांच अधिकारी ने उन निर्देशों का पालन नहीं किया। इसी आधार पर एसडीपीओ ने रिपोर्ट तैयार की, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई हुई।

पुलिस अधीक्षक ने निलंबन की पुष्टि करते हुए कहा कि अनुसंधान में लापरवाही के कारण यह कदम उठाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि जांच के दौरान आरोपियों को मदद पहुंचाने की कोशिश किए जाने का आरोप सामने आया है। हालांकि यह विभागीय आरोप है और इससे मुकदमे में नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए मूल आरोप स्वतः सिद्ध नहीं होते।

गोलीकांड की आपराधिक जांच और पुलिस अधिकारी के आचरण से जुड़ी विभागीय कार्रवाई अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। निलंबन के बाद संबंधित अधिकारी के विरुद्ध आगे की विभागीय प्रक्रिया क्या होगी, इस बारे में उपलब्ध विवरण में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है। रामपुर गोलीकांड का अनुसंधान जारी रहने की बात कही गई है।