पलामू के 94 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास का उपयोग, आईसीटी लैब की रैंकिंग नौवें स्थान पर

अगस्त की शिक्षा प्रदर्शन समीक्षा के अनुसार पलामू में स्मार्ट क्लास इस्तेमाल करने वाले स्कूल 55 से बढ़कर 94 हुए, जबकि आईसीटी लैब का उपयोग 400 से घटकर 397 स्कूलों में दर्ज हुआ।

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पलामू के सरकारी विद्यालय में स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षण व्यवस्था

पलामू के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास के उपयोग में जुलाई के मुकाबले अगस्त में सुधार दर्ज किया गया है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की अगस्त की जिला शिक्षा प्रदर्शन समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, जिले में स्मार्ट क्लास इस्तेमाल करने वाले स्कूलों की संख्या 55 से बढ़कर 94 हो गई। हालांकि, इसी अवधि में आईसीटी लैब का उपयोग करने वाले स्कूलों की संख्या में मामूली कमी आई है।

जिले के 481 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध है। अगस्त में इनमें से 94 स्कूलों में इसके माध्यम से शिक्षण-अधिगम गतिविधियां दर्ज की गईं। यह उपलब्ध सुविधा वाले स्कूलों का 19.54 प्रतिशत है। जुलाई में 55 स्कूल, यानी 11.43 प्रतिशत विद्यालय, स्मार्ट क्लास का इस्तेमाल कर रहे थे। इस प्रकार एक महीने में उपयोग करने वाले विद्यालयों की संख्या 39 बढ़ी है।

इस सुधार के साथ स्मार्ट क्लास उपयोग की राज्यस्तरीय रैंकिंग में भी पलामू आगे आया है। जुलाई में जिला 24 जिलों के बीच 23वें स्थान पर था, जबकि अगस्त में वह 19वें स्थान पर पहुंच गया। इसके बावजूद 387 स्कूलों को स्मार्ट क्लास की कम उपयोग वाली श्रेणी में रखा गया है।

आईसीटी लैब के मामले में तस्वीर अलग रही। जिले के 412 स्कूलों में यह सुविधा है और अगस्त में 397 विद्यालयों में इसका उपयोग दर्ज हुआ। यह 96.36 प्रतिशत है। जुलाई में 400 स्कूलों ने आईसीटी लैब का इस्तेमाल किया था और उपयोग का स्तर 97.09 प्रतिशत था। इसी के साथ जिले की रैंकिंग सातवें से घटकर नौवें स्थान पर आ गई। कम उपयोग वाली आईसीटी लैब वाले स्कूलों की संख्या भी 12 से बढ़कर 15 हो गई।

विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक कक्षा में हर सप्ताह दो कंप्यूटर आधारित पीरियड और दो पीरियड स्मार्ट क्लास या ई-कंटेंट के माध्यम से चलाए जाने हैं। निर्धारित श्रेणी के स्कूलों के लिए महीने में कम से कम 16 पीरियड का प्रावधान है। इससे कम गतिविधियां दर्ज करने वाले विद्यालय कम उपयोग वाली श्रेणी में आते हैं।

शिक्षा विभाग ने कम या बिल्कुल उपयोग नहीं करने वाले स्कूलों की पहचान कर कारणों की समीक्षा करने और आवश्यक सुधार कराने का निर्देश दिया है। जिले में अब स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के नियमित उपयोग की समीक्षा की जा रही है, ताकि उपलब्ध डिजिटल संसाधनों को कक्षा शिक्षण में तय मानकों के अनुरूप इस्तेमाल किया जा सके।