स्कूल से बाहर बच्चों के नामांकन अभियान में लापरवाही, 14 जिलों के शिक्षा अधिकारियों से स्पष्टीकरण

स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान, सत्यापन और नामांकन अभियान में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर 14 जिलों के डीईओ और डीएसई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

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स्कूल से बाहर बच्चों के नामांकन अभियान की समीक्षा से जुड़ी प्रतीकात्मक तस्वीर

रांची में विभाग ने स्कूल से बाहर रह रहे बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के अभियान में लापरवाही के आरोप में 14 जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला शिक्षा अधीक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है। संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर अभियान में अपेक्षित स्तर पर काम नहीं होने के बारे में जवाब देने को कहा गया है।

यह अभियान विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान करने, उनकी स्थिति का सत्यापन करने और उनका स्कूल में नामांकन सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है। विभाग की कार्रवाई अभियान के इन्हीं तीन प्रमुख चरणों में दर्ज प्रगति से जुड़ी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अधिकारियों पर जिम्मेदारी के अनुरूप काम नहीं करने का आरोप लगाया गया है।

नोटिस पाने वाले जिलों में पाकुड़, दुमका, पलामू, गोड्डा, पश्चिमी सिंहभूम, देवघर और खूंटी शामिल हैं। इसके अलावा गिरिडीह, गुमला, साहिबगंज, धनबाद, लोहरदगा, गढ़वा और लातेहार के जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा जिला शिक्षा अधीक्षक भी स्पष्टीकरण के दायरे में हैं।

विभाग ने इन जिलों के अधिकारियों को निलंबित करने के बजाय फिलहाल कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान, सत्यापन और विद्यालय में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया में अपेक्षित परिणाम क्यों नहीं मिले। उपलब्ध विवरण में अधिकारियों के जवाब देने की समय-सीमा या आगे की संभावित कार्रवाई का उल्लेख नहीं है।

इस कार्रवाई का केंद्र उन बच्चों तक पहुंच बनाना है जो अभी विद्यालयी व्यवस्था से बाहर हैं। उनकी पहचान और सत्यापन पूरा होने के बाद नामांकन अभियान को आगे बढ़ाया जाना है। संबंधित जिलों से मांगे गए स्पष्टीकरण के आधार पर विभाग अभियान की प्रगति और अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा कर सकता है। फिलहाल किसी अधिकारी के विरुद्ध अंतिम दंडात्मक निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।