पलामू प्रमंडल में 56 लिपिकों के स्थानांतरण में गड़बड़ी, निदेशक ने सुधार के दिए निर्देश

माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने प्रमंडलीय शिक्षा स्थापना समिति के स्थानांतरण निर्णय में दिशा-निर्देशों का उल्लंघन पाया और नई बैठक कर नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया।

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मेदिनीनगर में प्रमंडलीय शिक्षा स्थापना समिति द्वारा 56 लिपिकों के स्थानांतरण और पदस्थापन की प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आई है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद ने हाईकोर्ट के आदेश पर सुनवाई करते हुए संबंधित मामलों की समीक्षा की। इसके बाद समिति को दोबारा बैठक कर विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया गया है।

यह स्थानांतरण निर्णय 29 जुलाई 2026 को आरजेडीई सह डीईओ संदीप कुमार की अध्यक्षता में हुई प्रमंडलीय शिक्षा स्थापना समिति की बैठक में लिया गया था। निदेशक ने पाया कि इस प्रक्रिया में 12 जून 2026 को जारी निदेशालय के पत्रांक 2093 में निर्धारित स्थानांतरण और पदस्थापन संबंधी मानकों का पालन नहीं किया गया।

निदेशक के पत्र के अनुसार, हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले लिपिक प्रदीप कुमार सिंह का स्थानांतरण गलत पाया गया है। इस कारण उनके स्थानांतरण को स्थगित कर दिया गया। पत्र में नीरज कुमार सिन्हा और शीतलेश कुमार सिंह का भी उल्लेख है। दोनों लंबे समय से पलामू जिले में कार्यरत हैं, लेकिन उनका स्थानांतरण इसी जिले के भीतर कर दिया गया था। इसे विभागीय निर्देश का उल्लंघन माना गया।

समीक्षा में यह भी सामने आया कि तीन वर्ष से कम अवधि से कार्यरत कुछ लिपिकों को दूसरे जिले में भेजा गया था। निदेशक ने स्पष्ट किया है कि किसी कार्यालय में लगातार तीन वर्ष या उससे अधिक समय से पदस्थापित लिपिकों को वहां से हटाकर अन्य कार्यालय में पदस्थापित किया जाए।

इसके अतिरिक्त, पिछले 12 वर्षों की पदस्थापन अवधि में प्रतिनियुक्ति समेत कुल आठ वर्ष तक एक ही जिले में रहे लिपिकों को प्रमंडल के किसी अन्य जिले में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है। लगातार छह वर्ष से एक जिले में कार्यरत लिपिकों पर भी यही व्यवस्था लागू करने को कहा गया है।

अब प्रमंडलीय शिक्षा स्थापना समिति को बैठक कर सभी 56 स्थानांतरण मामलों को निर्धारित अवधि और पदस्थापन मानकों के आधार पर दोबारा देखना होगा। निदेशक का निर्देश मौजूदा विसंगतियों को सुधारने और हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रक्रिया पूरी करने पर केंद्रित है।