रांची में बुधवार को ‘पठन अभियान 2026’ के तहत आयोजित राज्यव्यापी रीड-ए-थॉन में 15 लाख से अधिक बच्चों ने एक साथ किताबें पढ़ीं। बच्चों में नियमित पठन की आदत विकसित करने के उद्देश्य से विद्यालयों और समुदायों में सुबह 11 बजे से 11:30 बजे तक सामूहिक पठन गतिविधि आयोजित की गई।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अभियान में करीब 17,958 विद्यालयों के 15,06,249 बच्चे शामिल हुए। उनके साथ 41,171 शिक्षक, 7,114 सरकारी पदाधिकारी और समुदाय के 33,306 सदस्यों ने भी निर्धारित आधे घंटे तक पुस्तकें पढ़ीं। कार्यक्रम को ‘ड्रॉप एवरीथिंग एंड रीड’ की भावना के अनुरूप संचालित किया गया।
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने रांची के जीएमएस एसटी धुर्वा विद्यालय में बच्चों के साथ भागीदारी की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी पसंद की पुस्तकें चुनने और पढ़ने को रोजमर्रा की आदत बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों, शिक्षकों और समुदाय के सदस्यों से भी बच्चों के लिए सकारात्मक पठन वातावरण तैयार करने की अपील की गई। अभियान में विद्यालय के साथ परिवार और समुदाय को जोड़ने पर जोर रहा, ताकि बच्चों की किताबों में रुचि केवल कक्षा या परीक्षा तक सीमित न रहे।
रीड-ए-थॉन का उद्देश्य एक दिन की आधे घंटे की गतिविधि तक सीमित रहने के बजाय नियमित पठन को बढ़ावा देना बताया गया। इसके माध्यम से बच्चों को किताबों से नई जानकारी हासिल करने, कल्पना करने, सवाल पूछने और अपनी बात बेहतर ढंग से व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
राज्यव्यापी आयोजन में बच्चों के अलावा शिक्षकों, अधिकारियों और समुदाय की भागीदारी ने पठन अभियान को विद्यालयों से बाहर भी विस्तार दिया। पहल का केंद्रीय संदेश बच्चों को पढ़ने से आनंदपूर्वक जोड़ना और किताबों को उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना रहा।