पलामू में दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों को अस्थायी बिजली कनेक्शन देने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने शुल्क और प्रक्रिया निर्धारित कर दी है। पूजा समितियों को कनेक्शन लेने के लिए स्वीकृत विद्युत भार के अनुसार तय राशि जमा करनी होगी। निगम के अनुसार, यह व्यवस्था पंडालों में सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
जारी रेट चार्ट में घरेलू और गैर-घरेलू श्रेणियों के लिए अलग-अलग शुल्क रखे गए हैं। एक किलोवाट से लेकर 10 किलोवाट तक के अस्थायी कनेक्शन इस व्यवस्था के दायरे में आएंगे। किसी पूजा समिति को कितना शुल्क देना होगा, यह उसके लिए स्वीकृत भार और संबंधित श्रेणी के आधार पर तय किया जाएगा।
विद्युत कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार ने स्पष्ट किया है कि मीटर लगाए बिना किसी भी पूजा पंडाल को अस्थायी कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। यानी समितियों को निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के साथ मीटर आधारित आपूर्ति स्वीकार करनी होगी। इस प्रावधान से वास्तविक खपत का रिकॉर्ड रखने और बिजली उपयोग की गणना में पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
संबंधित अधिकारियों को पंडालों में लगे मीटर की प्रतिदिन रीडिंग लेने का निर्देश दिया गया है। अंतिम शुल्क की गणना वास्तविक बिजली खपत के आधार पर की जाएगी। पूजा समितियों से पहले जमा कराई गई अग्रिम सुरक्षा राशि का समायोजन भी अंतिम मीटर रीडिंग के अनुसार होगा।
विद्युत आपूर्ति प्रमंडल डालटनगंज और छतरपुर के सहायक विद्युत अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों के सभी पूजा पंडालों में नियमानुसार अस्थायी कनेक्शन उपलब्ध कराने को कहा गया है। इससे दोनों प्रमंडलों में आवेदन, मीटर स्थापना और आपूर्ति की प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के तहत संचालित किया जा सकेगा।
नई व्यवस्था में बिजली उपलब्ध कराने के साथ सुरक्षा मानकों के पालन पर भी जोर दिया गया है। पूजा समितियों को अब स्वीकृत भार, मीटर रीडिंग और वास्तविक खपत के आधार पर भुगतान की प्रक्रिया से गुजरना होगा। निर्धारित नियमों का उद्देश्य उत्सव के दौरान बिजली आपूर्ति को व्यवस्थित रखना और अनधिकृत अथवा बिना मीटर वाले कनेक्शन को रोकना है।