पलामू पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के दौरान पिछले दो महीने में 800 किलो से अधिक गांजा बरामद करने और पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में ओडिशा, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश तक फैले कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क के संकेत मिले हैं।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका मुख्य रूप से खेप पहुंचाने वाले लोगों की रही है। पूछताछ में सामने आए नामों और जानकारियों का अभी सत्यापन किया जा रहा है। सप्लायर, खेप प्राप्त करने वालों और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारियों वाली विशेष टीम गठित की गई है।
पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी के मुताबिक, अभियान के दौरान तीन प्रमुख मामलों में करीब 450 किलो, 325 किलो और 120 किलो गांजा पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि इन मामलों की पिछली और अगली कड़ियां ओडिशा, बिहार तथा उत्तर प्रदेश से जुड़ी होने की जानकारी मिली है। विशेष दल को संबंधित इलाकों में छापेमारी की जिम्मेदारी दी गई है।
हाल की कार्रवाइयों में 29 अगस्त को नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र से 443 किलो गांजा बरामद हुआ और दो भाइयों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, यह खेप छिपाकर रखी गई थी और इसे बिहार भेजा जाना था। इससे पहले 26 अगस्त को सतबरवा थाना क्षेत्र में 121 किलो गांजा मिला था, जिसे ओडिशा के संबलपुर से लाए जाने की बात जांच में सामने आई।
हुसैनाबाद क्षेत्र में 26 जुलाई को भी गांजे की एक खेप बरामद कर एक आरोपी को पकड़ा गया था। पुलिस का आकलन है कि पहले पलामू का इस्तेमाल मुख्य रूप से खेप ले जाने के रास्ते के तौर पर होता था, जबकि हाल के मामलों में जिले के भीतर गांजा जमा करके आगे भेजने का तरीका सामने आया है।
पलामू की सीमावर्ती स्थिति और यहां उपलब्ध सड़क व रेल संपर्क को पुलिस इस नेटवर्क के लिए अनुकूल कारकों में गिन रही है। हालांकि जांच अभी जारी है और पूछताछ में सामने आए अन्य लोगों की भूमिका सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस ने पूरी आपूर्ति शृंखला तक पहुंचने और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।