पलामू जिला प्रशासन ने जिले में रक्त की उपलब्धता बढ़ाने और लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से एक वर्ष तक चलने वाले रक्तदान महाअभियान की शुरुआत की है। शनिवार को पलामू समाहरणालय में आयोजित शिविर से अभियान आरंभ हुआ। प्रशासन की योजना इसे शहरी क्षेत्रों के साथ गांवों तक पहुंचाने की है।
अभियान की शुरुआत पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने की। उन्होंने लोगों से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की। प्रशासन ने अभियान के माध्यम से जिले में खून की कमी दूर करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत नियमित गतिविधियों के जरिए रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, वर्ष 2011 की जनसंख्या को आधार मानें तो पलामू में आबादी के अनुपात में 1,965 यूनिट रक्त आरक्षित रखने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अप्रैल 2026 के दौरान रक्तदान से 77 यूनिट रक्त जमा होने की जानकारी दी गई है। इसी अंतर को देखते हुए व्यापक अभियान शुरू किया गया है।
समाहरणालय में लगे शुरुआती शिविर में प्रशिक्षु आईएएस ऋत्विक मेहता और उनकी पत्नी डॉ. वेदिका गुप्ता ने भी रक्तदान किया। दोनों ने जिले के लोगों से आगे आकर रक्तदान करने की अपील की। ऋत्विक मेहता ने कहा कि ब्लड बैंक में रक्त उपलब्ध रहने से आपात स्थिति में जरूरतमंद व्यक्ति तक सहायता पहुंचाई जा सकती है।
डॉ. वेदिका गुप्ता ने भी सक्षम लोगों से अधिक से अधिक रक्तदान करने का आग्रह किया। शिविर में समाहरणालय संवर्ग के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हुए। समाचार तैयार किए जाने तक वहां 30 से अधिक लोग रक्तदान कर चुके थे।
जिला प्रशासन के इस अभियान का दायरा केवल उद्घाटन शिविर तक सीमित नहीं रहेगा। इसे पूरे वर्ष संचालित करने और शहर से गांव तक ले जाने की रूपरेखा बताई गई है। प्रशासन को उम्मीद है कि लगातार जागरूकता और रक्तदान गतिविधियों से जिले के ब्लड बैंक में जरूरत के समय रक्त की उपलब्धता बेहतर की जा सकेगी।