पलामू के मेदिनीनगर स्थित मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में संचालित निःशुल्क अल्ट्रासाउंड केंद्र तीन सप्ताह से अधिक समय से बंद है। मशीन में तकनीकी खराबी के कारण जांच नहीं हो रही है। इसका असर विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें जांच के लिए निजी केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है।
अल्ट्रासाउंड केंद्र के प्रभारी डॉ. जयवंत लकड़ा के अनुसार, यहां प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज जांच के लिए पहुंचते हैं। सामान्य दिनों में करीब 30 मरीजों का निःशुल्क अल्ट्रासाउंड किया जाता था। केंद्र बंद रहने के कारण सुबह की ओपीडी के दौरान उपलब्ध यह सेवा भी मरीजों को नहीं मिल पा रही है।
निजी जांच केंद्रों में अल्ट्रासाउंड के लिए 500 से 1,000 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। मरीजों की संख्या और जांच शुल्क के आधार पर उन पर प्रतिदिन कुल 15 हजार से 30 हजार रुपये तक का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ने का अनुमान बताया गया है। मुफ्त जांच की उम्मीद में अस्पताल आने वाले परिवारों के लिए यह खर्च परेशानी बढ़ा रहा है।
एमआरएमसीएच अधीक्षक डॉ. अजय कुमार ने बताया कि अस्पताल परिसर में स्थित इस अल्ट्रासाउंड केंद्र के रखरखाव की जिम्मेदारी सिविल सर्जन कार्यालय के पास है। उनके मुताबिक, मशीन को ठीक कराने की जिम्मेदारी भी उसी कार्यालय की है। फिलहाल सेवा दोबारा शुरू होने की कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है।
अस्पताल परिसर में हेल्थ मैप द्वारा संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्र में भी गर्भवती महिलाओं से प्रति जांच 500 रुपये लिए जाने की बात सामने आई है। केंद्र प्रभारी शैलेंद्र कुमार के अनुसार, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत अस्पताल प्रबंधन पर करीब 24 लाख रुपये का भुगतान लंबित है और इसी कारण वहां निःशुल्क सेवा बंद है।
अस्पताल परिसर के बाहर जांच कराने पर मरीजों को 800 से 1,000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। ऐसी स्थिति में सरकारी अस्पताल पर निर्भर मरीजों के सामने इलाज के साथ जांच का अतिरिक्त खर्च भी जुड़ गया है। तकनीकी खराबी दूर करने और लंबित भुगतान से जुड़े विषय का समाधान होने पर ही दोनों स्तरों पर निःशुल्क अल्ट्रासाउंड सुविधा सामान्य हो सकेगी।