पलामू में 108 एंबुलेंस कर्मियों का चरणबद्ध आंदोलन, 28 सितंबर से हड़ताल की चेतावनी

मेदिनीनगर में 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने लंबित वेतन समेत तीन मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। मांगें पूरी नहीं होने पर 28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।

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मेदिनीनगर में काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन करते 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारी

पलामू में आपातकालीन 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने तीन सूत्री मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। कर्मियों ने बुधवार को मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच परिसर में काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि आंदोलन के दौरान फिलहाल वे ड्यूटी पर बने रहेंगे, लेकिन मांगों का समाधान नहीं होने पर विरोध आगे बढ़ाया जाएगा।

कर्मचारियों के अनुसार, एंबुलेंस सेवा का संचालन करने वाली एजेंसी ने छह महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया है। उन्होंने एजेंसी पर समझौते के अनुरूप सुविधाएं नहीं देने और कर्मचारियों के साथ मनमाना व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। ये कर्मचारियों और संघ के पदाधिकारियों के दावे हैं; उपलब्ध विवरण में संचालन एजेंसी या स्वास्थ्य विभाग का पक्ष नहीं दिया गया है।

संघ की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, कर्मचारी 19 सितंबर तक काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे। इसी दिन सिविल सर्जन कार्यालय से कैंडल मार्च निकालने की योजना है। इसके बाद 21 सितंबर को सिविल सर्जन कार्यालय के सामने भिक्षाटन कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई है।

आंदोलन के अगले चरण में 23 सितंबर को सिविल सर्जन कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित है। कर्मचारियों ने 25 सितंबर को एक दिन की पूर्ण हड़ताल की घोषणा भी की है। संघ का कहना है कि इस अवधि तक सरकार और विभाग ने मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो 28 सितंबर से राज्यभर के 108 एंबुलेंस कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

संघ के पलामू जिलाध्यक्ष आशीष कुमार ने आंदोलन को कर्मचारियों की मजबूरी बताया। जिला सचिव ललन चौधरी के अनुसार, कर्मचारी नियमित रूप से ड्यूटी करते हैं, लेकिन उन्हें तय व्यवस्था के अनुसार सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। प्रदर्शन में पलामू में कार्यरत कई एंबुलेंस कर्मी शामिल हुए।

108 एंबुलेंस सेवा चिकित्सा आपातस्थिति में मरीजों के परिवहन से जुड़ी है। ऐसे में घोषित पूर्ण या अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर सेवा की उपलब्धता पर पड़ सकता है। हालांकि उपलब्ध जानकारी में वैकल्पिक व्यवस्था, विभाग की प्रतिक्रिया या कर्मचारियों के साथ वार्ता की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। फिलहाल चरणबद्ध कार्यक्रम के अनुसार विरोध जारी रखने की घोषणा की गई है।