पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने अवैध अफीम की खेती और मादक पदार्थों के गैरकानूनी कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए नागरिकों से सहयोग मांगा है। प्रशासन के अनुसार, तस्करी, उत्पादन, भंडारण या बिक्री से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी संबंधित पुलिस अधिकारियों को देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
प्रशासन ने कहा है कि इस पहल का उद्देश्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को नियंत्रित करने के साथ समाज को नशे के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखना है। इसके जरिए नशामुक्त समाज के प्रयासों में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
सूचना के आधार पर बरामदगी के लिए पदार्थ के प्रकार और मात्रा के अनुसार पुरस्कार दर निर्धारित की गई है। अफीम के लिए छह हजार रुपये प्रति किलोग्राम और मॉर्फिन तथा उसके लवण के लिए 20 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की दर है। हेरोइन एवं उसके लवण, जिनमें ब्राउन शुगर भी शामिल है, के लिए एक लाख 20 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तय किए गए हैं।
कोकीन एवं उसके लवण की सूचना पर 2,400 रुपये, हशीश पर दो हजार रुपये, हशीश ऑयल पर 10 हजार रुपये और गांजा पर 600 रुपये प्रति किलोग्राम की दर निर्धारित है। मैंड्रैक्स टैबलेट के लिए 200 रुपये तथा एम्फेटामिन एवं मेथाम्फेटामिन के लिए 20 हजार रुपये प्रति किलोग्राम दिए जाने का प्रावधान बताया गया है।
प्रशासन की ओर से जारी दरों में एक्स्टेसी यानी एमडीएमए के लिए प्रति एक हजार टैबलेट 15 हजार रुपये और एलएसडी के लिए प्रति ब्लॉट 30 रुपये शामिल हैं। पोस्ता भूसा से संबंधित सूचना के लिए 240 रुपये प्रति किलोग्राम की पुरस्कार दर रखी गई है।
अवैध खेती की पहचान और उसे नष्ट कराने से जुड़ी सूचना को भी पुरस्कार व्यवस्था में शामिल किया गया है। अवैध अफीम पोस्ता की खेती नष्ट कराने पर 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे। अवैध गांजा खेती के लिए भी यही दर निर्धारित की गई है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपने आसपास ऐसी गतिविधि दिखाई देने पर पुलिस को सूचना देने की अपील की है।