चाईबासा स्थित पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय के सभागार में कल्याण विभाग की निर्माणाधीन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने और योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में सरना और मसना स्थलों से जुड़े कार्यों, चारदीवारी निर्माण तथा अन्य आधारभूत संरचना योजनाओं की स्थिति पर योजना-वार चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित अभियंताओं और पदाधिकारियों से स्वीकृत योजनाओं की मौजूदा स्थिति, निर्माण की प्रगति और काम लंबित रहने के कारणों की जानकारी ली।
समीक्षा के दौरान कहा गया कि किसी भी स्वीकृत योजना को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक लंबित नहीं रखा जाए। जिन योजनाओं का निर्माण पूरा नहीं हुआ है, उन पर प्राथमिकता से काम किया जाए, ताकि तय समय-सीमा के भीतर उनका क्रियान्वयन और समापन हो सके।
उपायुक्त ने तकनीकी या दूसरी बाधाओं के कारण रुके कार्यों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से कदम उठाने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा योजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश भी दिया।
बैठक में परियोजना निदेशक, आईटीडीए जयदीप तिग्गा के साथ सहायक अभियंता, कनीय अभियंता और संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्वीकृति मिलने के बाद योजनाओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराना उसकी प्राथमिकता है। समीक्षा का केंद्र लंबित कार्यों की पहचान, उनकी बाधाओं का समाधान और निर्माण की गति बढ़ाना रहा।