पाकुड़ शहर में शारदीय नवरात्र को लेकर दुर्गा पूजा की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। गुरुवार को श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की पूजा की। महाषष्ठी के अवसर पर शुक्रवार को पूजा पंडालों के पट दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। कारीगर पंडालों और उनकी सजावट को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
शहर में 29 से अधिक प्रमुख स्थानों पर पंडाल बनाए जा रहे हैं। इनमें शिव शक्ति क्लब राजापाड़ा, सद्भावना क्लब, नेताजी सुभाष चंद्र बोस क्लब, तांतीपाड़ा दुर्गा पूजा समिति, भारत सेवा आश्रम दुर्गा पूजा समिति, रेलवे स्टेशन दुर्गा पूजा समिति और सरस्वती पुस्तकालय से जुड़े आयोजन शामिल हैं।
सद्भावना क्लब ने इस बार पर्यावरण के अनुकूल स्वरूप को अपनी थीम बनाया है। पंडाल को हरे रंग और पेड़-पौधों जैसी आकृतियों से सजाया जा रहा है, ताकि भीतर और आसपास प्राकृतिक वातावरण का अनुभव हो। राजापाड़ा और रेलवे कॉलोनी सहित अन्य स्थानों पर बंगाल के कारीगर बांस तथा दूसरी कलात्मक सामग्रियों से संरचनाएं तैयार कर रहे हैं।
रेलवे कॉलोनी स्थित सार्वजनिक दुर्गा पूजा सेवा समिति का आयोजन करीब चार दशक पुरानी परंपरा से जुड़ा है। समिति हर वर्ष नई थीम के साथ प्रतिमा और पंडाल सजाती है। इस बार यहां महिषासुर मर्दन की झांकी तैयार की जा रही है, जिसमें मां दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं चलंत अवस्था में दिखाई देंगी।
झांकी में मां दुर्गा को महिषासुर का वध करते हुए प्रदर्शित करने की तैयारी है। समिति ने पिछले वर्ष ‘प्लेन क्रैश’ थीम पर पंडाल और झांकी बनाई थी। इस वर्ष धार्मिक प्रसंग को चलंत प्रस्तुति के साथ सामने लाने की योजना है।
पंडाल खुलने के साथ शहर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, रोशनी, भीड़ नियंत्रण और साफ-सफाई की व्यवस्था की है। पूजा समितियां भी अपने-अपने आयोजन स्थलों पर निर्माण और सजावट का शेष काम पूरा कर रही हैं।