पारसनाथ पहाड़ पर निर्माण से जुड़े मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने गिरिडीह डीसी को जांच का निर्देश दिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह निर्देश जैन संस्था की याचिका पर दिया गया है। मामला निर्माण की वैधता से जुड़ा है और जांच की जिम्मेदारी जिले के उपायुक्त को दी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हाई कोर्ट ने कहा है कि पारसनाथ पहाड़ पर हुए निर्माण की वैधता जांची जाए। इससे स्पष्ट है कि अदालत ने फिलहाल जांच की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है। उपलब्ध विवरण में किसी निर्माण को वैध या अवैध घोषित किए जाने की जानकारी नहीं दी गई है।
यह मामला गिरिडीह जिले से संबंधित है, क्योंकि निर्देश सीधे गिरिडीह डीसी को दिया गया है। जिला प्रशासन की भूमिका अब अदालत के निर्देश के अनुरूप तथ्यों की जांच करने की होगी। रिपोर्ट में जांच की समयसीमा, प्रक्रिया या संभावित कार्रवाई का कोई अलग विवरण नहीं दिया गया है।
जैन संस्था की ओर से दायर याचिका के आधार पर यह सुनवाई सामने आई है। उपलब्ध तथ्य केवल इतना बताते हैं कि संस्था ने पारसनाथ पहाड़ पर निर्माण को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में उठाए गए विस्तृत बिंदुओं का उल्लेख उपलब्ध विवरण में नहीं है।
इस निर्देश के बाद आगे की स्थिति जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। अदालत के आदेश से जुड़े तथ्य सामने आने पर ही यह साफ होगा कि निर्माण की वैधता को लेकर प्रशासन क्या निष्कर्ष दर्ज करता है। फिलहाल यह मामला न्यायिक निर्देश और जिला स्तर की जांच तक सीमित है।