झारखंड में 31 अगस्त को मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में आने वाले पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के साथ मध्य भागों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवा भी चल सकती है।
पूर्वानुमान में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। बारिश पूरे क्षेत्र में एक समान होने के बजाय कुछ स्थानों पर केंद्रित रह सकती है। ऐसे में एक ही जिले के अलग-अलग हिस्सों में वर्षा की तीव्रता और मौसम की स्थिति अलग दिखाई दे सकती है।
एक सितंबर को भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में बदलाव का अनुमान है। उस दिन राज्य के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से के सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम, उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र तथा उनसे सटे मध्य भागों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। मध्य भागों में रांची, खूंटी, लोहरदगा और गुमला का उल्लेख किया गया है।
एक सितंबर को भी झारखंड में कुछ स्थानों पर गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली हवा चलने की संभावना बनी रहेगी। इस तरह राज्य में लगातार दो दिन वर्षा के साथ बिजली चमकने और तेज हवा वाली परिस्थितियां देखने को मिल सकती हैं।
31 अगस्त के लिए पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां विशेष रूप से भारी वर्षा की संभावना वाले दक्षिण-पूर्वी जिलों में शामिल हैं। हालांकि पूर्वानुमान में बारिश के लिए “कहीं-कहीं” शब्द का इस्तेमाल किया गया है, इसलिए इसका असर सभी स्थानों पर समान होने का दावा नहीं किया गया है।
झारखंड के अलावा ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी 31 अगस्त से एक सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। इनमें 31 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की आशंका व्यक्त की गई है। झारखंड के लिए उपलब्ध पूर्वानुमान मुख्य रूप से भारी वर्षा, गर्जन-वज्रपात और तेज हवा की संभावना पर केंद्रित है।