लातेहार सदर प्रखंड के पेशरार पंचायत स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र के संचालन को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में संचालित यह केंद्र सुबह करीब 11 बजे खुलता है और दोपहर एक बजे बंद कर दिया जाता है। इससे इलाज के लिए पहुंचने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, गुरुवार को दो मरीज दोपहर करीब डेढ़ बजे केंद्र पहुंचे थे, लेकिन उस समय वहां ताला लगा मिला। केंद्र बंद होने के कारण दोनों को बिना इलाज कराए वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने स्वास्थ्यकर्मियों के नियमित रूप से ड्यूटी पर उपस्थित नहीं रहने का भी आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र की अनियमित सेवा का सबसे अधिक असर गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार लोगों पर पड़ता है। स्थानीय स्तर पर उपचार नहीं मिलने की स्थिति में मरीजों को लातेहार, लोहरदगा जिले अथवा रिचुघुटा जाना पड़ता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इलाज के इन विकल्पों तक पहुंचने के लिए करीब 18 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तैनात कर्मचारियों के लिए सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक ड्यूटी का समय निर्धारित है। ग्रामीणों का दावा है कि पेशरार केंद्र में इस समय-सारिणी का पालन नहीं किया जा रहा। उन्होंने केंद्र को तय अवधि तक नियमित रूप से खोलने की मांग की है।
पेशरार पंचायत के मुखिया अमित कुमार बारला ने बताया कि वह फिलहाल बाहर हैं और लौटने के बाद मामले की जांच करेंगे। दूसरी ओर, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विवेक विद्यार्थी ने कहा कि उन्हें इस संबंध में शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने मामला संज्ञान में आने पर कार्रवाई करने की बात कही है।
ग्रामीणों के आरोपों पर केंद्र में प्रतिनियुक्त स्वास्थ्यकर्मियों का विस्तृत पक्ष उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है। ऐसे में केंद्र के वास्तविक संचालन समय और कर्मचारियों की उपस्थिति की स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल ग्रामीण नियमित स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित किए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।