बड़गाईं जमीन मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय, पीएमएलए अदालत में आगे बढ़ेगा मुकदमा

रांची की विशेष पीएमएलए अदालत ने बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय किए। सोरेन ने आरोपों को निराधार बताते हुए अपराध से इनकार किया है।

2 मिनट पढ़ें 3 बार पढ़ी गई
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की फाइल तस्वीर

रांची के बड़गाईं अंचल की करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ विशेष पीएमएलए अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं। इस न्यायिक कार्यवाही के बाद मामले में मुख्यमंत्री समेत कुल 17 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

आरोप गठन के दौरान हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश हुए। अदालत ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पढ़कर सुनाए। सोरेन ने आरोपों को निराधार बताया और कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।

मामला बड़गाईं अंचल में स्थित जमीन से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय की जांच के अनुसार, जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर, कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जमीन पर कथित अवैध कब्जे से जुड़े पहलुओं की जांच की गई है। एजेंसी ने प्रकरण को मनी लॉन्ड्रिंग से भी जोड़ा है। ये सभी दावे अभी आरोपों के स्तर पर हैं और इनकी न्यायिक जांच मुकदमे के दौरान होगी।

इस मामले के अन्य 16 आरोपियों के खिलाफ अदालत पहले ही आरोप गठित कर चुकी थी। इनमें भानु प्रताप प्रसाद, अंतू तिर्की, विनोद कुमार सिंह, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय और मनोज कुमार यादव सहित अन्य नाम शामिल हैं। मुख्यमंत्री के खिलाफ आरोप तय होने के साथ अब सभी संबंधित आरोपियों के मामले में सुनवाई आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है।

अगले चरण में अभियोजन पक्ष को अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य और गवाह अदालत के सामने रखने का अवसर मिलेगा। वहीं, बचाव पक्ष भी प्रस्तुत सामग्री को चुनौती देने और अपना पक्ष रखने के लिए स्वतंत्र होगा। अदालत इसी प्रक्रिया के आधार पर मामले पर आगे विचार करेगी।

आरोप तय किए जाने का अर्थ किसी आरोपी का दोष सिद्ध होना नहीं है। आपराधिक मुकदमे में दोष या निर्दोषता का अंतिम निर्धारण साक्ष्यों, दोनों पक्षों की दलीलों और पूरी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत करती है। फिलहाल मुख्यमंत्री ने अपने विरुद्ध लगाए गए आरोपों से स्पष्ट रूप से इनकार किया है।