रांची की विशेष पीएमएलए अदालत ने बड़गाईं अंचल की जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सोमवार, 21 सितंबर की शाम चार बजे तक पेश होने का निर्देश दिया है। शनिवार को मामले में उनके विरुद्ध आरोप तय करने की प्रक्रिया प्रस्तावित थी, लेकिन वह अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं हुए।
सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से उनके अधिवक्ता ने व्यस्त कार्यक्रम का हवाला देते हुए नई तारीख देने का अनुरोध किया। इसके बाद अदालत ने अगली कार्यवाही के लिए सोमवार का समय निर्धारित किया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, हेमंत सोरेन को प्रत्यक्ष रूप से अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होने की अनुमति दी गई है।
यह मामला रांची के बड़गाईं क्षेत्र की 8.86 एकड़ जमीन से संबंधित है। जांच एजेंसी का आरोप है कि राजस्व अभिलेखों में कथित हेरफेर के जरिए जमीन हासिल की गई और इससे मनी लॉन्ड्रिंग जुड़ी है। ये आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और अदालत में इनका परीक्षण होना बाकी है।
मामले में हेमंत सोरेन को आरोपी बनाया गया है। अदालत अन्य आरोपियों और सह-आरोपियों के संबंध में पहले आरोप तय कर चुकी है। मुख्यमंत्री की डिस्चार्ज याचिका खारिज होने तथा उच्च न्यायालय से कार्यवाही पर रोक नहीं मिलने के बाद उनके विरुद्ध आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
उपलब्ध अदालती घटनाक्रम के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय ने वर्ष 2022-23 के दौरान मामले की जांच शुरू की थी। जांच के क्रम में दस्तावेज जब्त किए गए और संबंधित जमीन को अटैच किया गया। जनवरी 2024 में हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी हुई थी और बाद में उन्हें इस मामले में जमानत मिली।
अब सोमवार की निर्धारित पेशी पर आगे की अदालती कार्रवाई निर्भर करेगी। आरोप तय किया जाना किसी व्यक्ति के दोषी होने का निर्णय नहीं होता, बल्कि इसके बाद मुकदमे में आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की विधिवत सुनवाई आगे बढ़ती है। मुख्यमंत्री की ओर से न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा जताया गया है।