रांची सदर अस्पताल में प्रसव के लिए आई नामकुम निवासी गर्भवती महिला की शनिवार को मौत हो गई। मृतका की पहचान शोभा देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों ने उपचार शुरू करने में देरी का आरोप लगाया, जबकि अस्पताल पक्ष ने किसी तरह की लापरवाही या विलंब से इनकार किया है।
परिजनों का कहना है कि महिला को प्रसव के लिए अस्पताल लाया गया था, लेकिन समय पर इलाज नहीं मिला। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि उपचार के दौरान महिला के पति और बेटी को उससे मिलने नहीं दिया गया। बाद में परिजनों को समझाकर घर भेजे जाने की जानकारी दी गई है।
रिम्स के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने अस्पताल पक्ष रखते हुए बताया कि महिला पहले से प्री-एक्लेम्पसिया से पीड़ित थी। उनके अनुसार यह गर्भावस्था के दौरान होने वाली गंभीर स्थिति है, जो आम तौर पर गर्भावस्था के 20 सप्ताह बाद शुरू हो सकती है और प्रसव को जोखिमपूर्ण बना देती है।
डॉ. सिंह के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती होने के तुरंत बाद डॉ. रश्मि सिंह ने महिला का उपचार शुरू किया था। बाद में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की दो अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक भी इलाज में शामिल हुईं। उन्होंने परिजनों के इलाज में देरी संबंधी आरोप को स्वीकार नहीं किया।
अस्पताल पक्ष का कहना है कि मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे रिम्स भेजने का निर्णय लिया गया था। हालांकि सदर अस्पताल में ही उसकी मौत हो गई। इस घटना में परिजनों और अस्पताल की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं; उपलब्ध विवरण में किसी औपचारिक जांच या उसके निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है।