रांची स्थित श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में बिहार के 78 नवचयनित अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण और अध्ययन यात्रा आयोजित की गई। बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान की पहल पर पहुंचे इन प्रशिक्षुओं को प्रशासन के विभिन्न पक्षों की जानकारी देने के साथ झारखंड की औद्योगिक, ग्रामीण और पर्यटन गतिविधियों से भी परिचित कराया गया।
प्रशिक्षु बिहार प्रशासनिक सेवा, पुलिस, ग्रामीण विकास, राजस्व, श्रम प्रवर्तन, खाद्य आपूर्ति, लेखा, अल्पसंख्यक कल्याण, पंचायती राज, सहकारिता और नियोजन जैसे विभागों से जुड़े हैं। वे पटना, दरभंगा, गया, भागलपुर, कटिहार, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, सीतामढ़ी, नवादा और अन्य जिलों से आए हैं।
अध्ययन यात्रा के दौरान अधिकारियों ने चतरा के टंडवा स्थित आम्रपाली परियोजना का भ्रमण कर कोयला खनन की प्रक्रिया को समझा। इसके बाद उन्हें एनटीपीसी की ताप विद्युत परियोजना में बिजली उत्पादन से जुड़ी कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। औद्योगिक गतिविधियों को जानने के लिए जमशेदपुर के टेल्को स्थित टाटा मोटर्स कारखाने का दौरा भी कराया गया, जहां उन्होंने ट्रक उत्पादन की प्रक्रिया देखी।
ग्रामीण आजीविका और महिला सशक्तीकरण से जुड़े कामकाज को समझने के लिए प्रशिक्षुओं ने बेड़ो प्रखंड में स्वयं सहायता समूह ‘पलाश’ की गतिविधियां देखीं। प्रशिक्षण में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और आंकड़ों पर आधारित शासन व्यवस्था के विषय भी शामिल रहे। अधिकारियों को झारखंड विधानसभा का भ्रमण भी कराया गया।
कार्यक्रम में प्रशासनिक और औद्योगिक अध्ययन के साथ राज्य के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को भी जगह दी गई। अधिकारियों ने हुंडरू और जोन्हा जलप्रपात तथा पतरातू का भ्रमण किया। प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों ने खनन, बिजली उत्पादन, उद्योग और स्वयं सहायता समूहों के संचालन को सीखने का उपयोगी अवसर बताया।
कई वर्षों बाद बिहार के संबंधित प्रशिक्षण संस्थान ने झारखंड के श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान के साथ इस तरह का समन्वय किया है। संस्थान के निदेशक मनीष रंजन के अनुसार, अधिकारियों को ऐसी जगहों पर ले जाया गया जहां उन्हें प्रशासनिक कार्यों के साथ अलग-अलग क्षेत्रों की व्यावहारिक जानकारी मिल सके। उन्होंने इस प्रशिक्षण सहयोग के आगे भी जारी रहने की उम्मीद जताई।