बीआईटी मेसरा में 26 साल से सफाईकर्मी मां की बेटी आरती ने इंजीनियरिंग में पीएचडी हासिल की

रांची के तुरुप गांव की आरती कुमारी ने आर्थिक कठिनाइयों के बीच पढ़ाई जारी रखी और बीआईटी मेसरा से इंजीनियरिंग में पीएचडी पूरी की। उनकी मां रानू देवी इसी संस्थान में 26 वर्षों से सफाईकर्मी हैं।

2 मिनट पढ़ें 5 बार पढ़ी गई
बीआईटी मेसरा से इंजीनियरिंग में पीएचडी हासिल करने वाली आरती कुमारी और उनकी मां रानू देवी

रांची के तुरुप गांव की आरती कुमारी ने बीआईटी मेसरा से इंजीनियरिंग में पीएचडी की डिग्री हासिल की है। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि आरती की मां रानू देवी पिछले 26 वर्षों से इसी संस्थान में सफाईकर्मी के रूप में काम कर रही हैं। आरती को संस्थान के दीक्षांत समारोह में डिग्री प्रदान की गई।

आरती अपने गांव की पहली महिला हैं, जिन्होंने इंजीनियरिंग में पीएचडी पूरी की है। कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी। तीन भाई-बहनों में मझली आरती ने आरटीसी से बीटेक करने के बाद बीआईटी मेसरा से एमटेक की पढ़ाई पूरी की और फिर शोध कार्य जारी रखा।

उच्च शिक्षा तक पहुंचने में बीआईटी मेसरा और सरकार से मिली छात्रवृत्ति ने आरती की मदद की। आर्थिक सीमाओं के बीच मिली इस सहायता और लगातार अध्ययन के सहारे उन्होंने इंजीनियरिंग में शोध की अपनी यात्रा पूरी की। उनकी उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा की संभावनाओं को सामने रखती है।

आरती की पढ़ाई के पीछे उनकी मां रानू देवी का लंबा संघर्ष भी जुड़ा है। पति के निधन के बाद तीन बच्चों और परिवार की जिम्मेदारी उन पर आ गई थी। जब उन्होंने संस्थान में सफाई का काम शुरू किया, तब उन्हें एक सप्ताह के 400 रुपये मिलते थे। वर्तमान में उन्हें 15 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है।

सीमित आय में घर चलाते हुए रानू देवी ने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दी। उन्होंने लगातार काम कर परिवार का भरण-पोषण किया और यह प्रयास किया कि आर्थिक परेशानी बच्चों की पढ़ाई में बाधा न बने। इसी सहयोग के बीच आरती ने तकनीकी शिक्षा के अलग-अलग चरण पूरे किए।

जिस परिसर में मां ने ढाई दशक से अधिक समय तक सफाई का काम करके परिवार संभाला, उसी संस्थान से बेटी का पीएचडी प्राप्त करना परिवार के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आरती की शैक्षणिक सफलता उनकी मेहनत के साथ-साथ रानू देवी के लंबे परिश्रम और बच्चों की पढ़ाई के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।