बीएयू नियुक्ति परिणाम जारी करने की मांग वाली याचिका हाई कोर्ट से खारिज

झारखंड हाई कोर्ट ने बिरसा कृषि विश्वविद्यालय की नियुक्ति प्रक्रिया का परिणाम घोषित कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ताओं को 27 जनवरी के आदेश को कानूनी प्रक्रिया के तहत चुनौती देने की छूट मिली है।

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रांची में झारखंड हाई कोर्ट और बिरसा कृषि विश्वविद्यालय नियुक्ति मामले का सांकेतिक दृश्य

रांची स्थित झारखंड हाई कोर्ट ने बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के विभिन्न पदों की नियुक्ति प्रक्रिया का परिणाम जारी करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने कहा कि किसी पद के लिए आवेदन करने या चयन प्रक्रिया में शामिल होने भर से अभ्यर्थी को नियुक्ति पाने का अधिकार नहीं मिल जाता।

यह याचिका इशाक कच्छप, बिलेंद्र राम और संजर आलम ने दाखिल की थी। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, विश्वविद्यालय ने दो मार्च 2019 को प्लंबर, हेल्पर समेत विभिन्न पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला था। उन्होंने निर्धारित योग्यता के आधार पर आवेदन किया, प्रवेश पत्र प्राप्त किया और चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया था।

याचिका में कहा गया कि चयन प्रक्रिया के बाद भी विश्वविद्यालय ने परिणाम घोषित नहीं किया। परिणाम जारी कराने के लिए झारखंड कर्मचारी मजदूर मोर्चा ने आठ जुलाई 2021 को विश्वविद्यालय को पत्र भी लिखा था। इसके बाद बीएयू ने 30 जनवरी 2023 को संबंधित पदों के लिए दोबारा विज्ञापन जारी किया और याचिकाकर्ताओं ने इसके तहत भी आवेदन किया।

विश्वविद्यालय ने अदालत को बताया कि राज्यपाल सचिवालय के नौ जुलाई और 27 दिसंबर 2019 के निर्देशों के बाद उस वर्ष की नियुक्ति प्रक्रिया रोक दी गई थी। नए कुलपति की नियुक्ति के बाद पदों के लिए फिर से विज्ञापन जारी हुआ, लेकिन राज्य के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव ने 11 मई 2023 को ज्ञापन जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया रोकने का निर्देश दिया।

अदालत ने पाया कि विश्वविद्यालय ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में न तो कोई परिणाम घोषित किया था और न ही चयन सूची जारी की थी। इसी आधार पर कोर्ट ने माना कि उनके पक्ष में नियुक्ति का अधिकार उत्पन्न नहीं हुआ और परिणाम घोषित कराने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।

हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ताओं को विश्वविद्यालय के 27 जनवरी के उस आदेश को उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत चुनौती देने की छूट दी है, जिसके माध्यम से वर्ष 2023 में जारी नियुक्ति विज्ञापन रद्द किया गया था। इस छूट के साथ मौजूदा याचिका का निपटारा कर दिया गया।