बीबीएमकेयू पीएचडी नामांकन: पुराने आवेदकों को दोबारा शुल्क नहीं, वैध प्रमाणपत्र जमा करना जरूरी

बीबीएमकेयू ने पीएचडी नामांकन 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 2 नवंबर तय की है। वर्ष 2025 के आवेदकों को नया आवेदन नहीं करना होगा, लेकिन अमान्य हो चुके दस्तावेज अपडेट करने होंगे।

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धनबाद स्थित बीबीएमकेयू ने पीएचडी नामांकन 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी अधिसूचना जारी की है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 2 नवंबर निर्धारित की गई है। शनिवार को कई अभ्यर्थी अपने आवेदन जमा करने के लिए विश्वविद्यालय के एडमिशन सेल पहुंचे।

विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, वर्ष 2025 में पीएचडी नामांकन के लिए आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को इस बार नया आवेदन भरने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे आवेदकों को दोबारा आवेदन शुल्क भी जमा नहीं करना होगा। यह व्यवस्था पहले आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों पर लागू होगी।

हालांकि, पुराने आवेदन के साथ दिए गए दस्तावेजों की वैधता की जांच जरूरी होगी। जिन अभ्यर्थियों का यूजीसी नेट स्कोर प्रमाणपत्र, श्रेणी प्रमाणपत्र या कोई अन्य संबंधित दस्तावेज अमान्य हो चुका है अथवा जिसे अद्यतन करना आवश्यक है, उन्हें वैध दस्तावेज जमा करने होंगे।

ऐसे अभ्यर्थियों को पहले जमा किए गए आवेदन पत्र की एक प्रति के साथ वैध यूजीसी नेट स्कोर प्रमाणपत्र और लागू होने वाले अन्य जरूरी दस्तावेज देने होंगे। विश्वविद्यालय इन दस्तावेजों के आधार पर पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश के लिए उनकी पात्रता की जांच करेगा।

बीबीएमकेयू ने आवेदन शुल्क की श्रेणियों में भी संशोधन किया है। 22 अक्टूबर की अधिसूचना में ईडब्ल्यूएस, दिव्यांग और थर्ड जेंडर श्रेणियों का उल्लेख नहीं था। 24 अक्टूबर को जारी अधिसूचना के मुताबिक बीसी-वन, बीसी-टू और ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों के लिए शुल्क 500 रुपये रखा गया है।

एससी और एसटी अभ्यर्थियों के साथ दिव्यांग तथा थर्ड जेंडर आवेदकों के लिए शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है। पुराने आवेदकों को अपने पूर्व आवेदन और प्रमाणपत्रों की वैधता की स्थिति देखकर आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा करने होंगे। नए अभ्यर्थियों के लिए आवेदन की निर्धारित समयसीमा 2 नवंबर तक है।