बीबीएमकेयू में 18 निदेशक पदों में 15 पर नियुक्ति बाकी, समयसीमा को लेकर उठे सवाल

झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के तहत बीबीएमकेयू में 18 निदेशक नियुक्त होने हैं। एक नियमित नियुक्ति और एक प्रभारी व्यवस्था के बाद शेष पदों की प्रक्रिया पर शिक्षक संगठन ने सवाल उठाए हैं।

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धनबाद के बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय में नई प्रशासनिक व्यवस्था के तहत बनाए गए निदेशक पदों को भरने की प्रक्रिया अब भी अधूरी है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के तहत विश्वविद्यालय में कुल 18 निदेशक नियुक्त किए जाने हैं, लेकिन अभी एक पद पर नियुक्ति और एक पद पर प्रभारी व्यवस्था की गई है। सूचना प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल लर्निंग निदेशक के लिए आवेदन मांगे जाने के बाद भी 15 अन्य पदों पर नियुक्ति बाकी है।

नया अधिनियम अप्रैल में लागू हुआ था और विश्वविद्यालयों को नियुक्तियों सहित संबंधित प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए छह महीने का समय दिया गया था। यह अवधि 28 अक्टूबर को पूरी हो रही है। ऐसे में शेष निदेशक पद कब और किस प्रक्रिया से भरे जाएंगे, इसे लेकर विश्वविद्यालय के शिक्षकों के बीच चर्चा तेज हो गई है।

विश्वविद्यालय ने डॉ. पुष्पा कुमारी को डीन एकेडमिक के साथ प्रभारी निदेशक, छात्र मामले की जिम्मेदारी दी है। डॉ. जयगोपाल मंडल को खेल एवं शारीरिक शिक्षा निदेशक बनाया गया है। वहीं, समाप्त किए गए सीसीडीसी पद पर डॉ. आरके तिवारी के कार्यरत होने के कारण विश्वविद्यालय के अगले निर्णय को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

बीबीएमकेयू शिक्षक संघ ने नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सभी पदों के लिए समान व्यवस्था अपनाने की मांग की है। संघ का कहना है कि यदि कुछ निदेशकों के चयन के लिए आवेदन नहीं निकाले गए, तो सूचना प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल लर्निंग या दूसरे पदों के मामले में अलग प्रक्रिया क्यों अपनाई जा रही है। संघ ने सभी पदों के लिए रिक्तियां जारी करने अथवा विश्वविद्यालय के अधिकारों के तहत नियुक्तियां पूरी करने की मांग रखी है।

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. राधानाथ त्रिपाठी के अनुसार, एसोसिएट प्रोफेसरों की कमी है और कुलपति के निर्देश पर काम किया जा रहा है। सोमवार को कुलपति के रजिस्ट्रार कार्यालय में लंबे समय तक मौजूद रहने के आधार पर मंगलवार को कुछ अधिसूचना जारी होने की संभावना जताई गई है, हालांकि उपलब्ध विवरण में किसी अधिसूचना के जारी होने की पुष्टि नहीं है।

निदेशक पदों में शोध और नवाचार, छात्र मामले, एनएसएस, खेल, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन, समावेशी शिक्षा, प्लेसमेंट, जनसंपर्क, अंगीभूत एवं संबद्ध कॉलेज तथा क्षेत्रीय केंद्र जैसे विभाग शामिल हैं। नए अधिनियम में विश्वविद्यालय स्तर पर सीनेट, सिंडिकेट, अकादमिक परिषद, अध्ययन बोर्ड और परीक्षा बोर्ड समेत 21 प्रकार के बोर्ड गठित करने का भी प्रावधान है। नियुक्तियों और बोर्डों के गठन की प्रगति विश्वविद्यालय की नई प्रशासनिक संरचना के क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।