गढ़वा जिले के बड़गड़ थाना क्षेत्र में बूढ़ा पहाड़ की तलहटी के पास स्थित तुरेर गांव के जंगल से सुरक्षाबलों ने दो गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। मंगलवार को हुई इस बरामदगी के बाद दोनों सिलेंडरों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। फिलहाल उनके मालिक और जंगल में रखे जाने के उद्देश्य का पता नहीं चला है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वरीय अधिकारियों से मिले निर्देश और सूचना के आधार पर सीआरपीएफ तथा बड़गड़ थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में छापेमारी अभियान चलाया था। दुर्गम जंगल में तलाशी के दौरान टीम को दोनों सिलेंडर मिले। अभियान में सीआरपीएफ और जिला पुलिस के अधिकारी तथा जवान शामिल थे।
बड़गड़ थाना प्रभारी राजेश वर्मा के मुताबिक, संयुक्त टीम ने तुरेर गांव के समीप जंगल में सावधानी के साथ कार्रवाई की। बरामद सिलेंडरों को सुरक्षा की दृष्टि से टीम अपने साथ ले गई। पुलिस अब यह जानने का प्रयास कर रही है कि वे जंगल तक कैसे पहुंचे और उन्हें वहां किसने रखा था।
बूढ़ा पहाड़ और उसके आसपास का इलाका पहले माओवादी गतिविधियों के कारण संवेदनशील माना जाता था। पहाड़ी भूभाग, घने जंगल और कठिन रास्तों के कारण यहां अभियान के दौरान सुरक्षा बल विशेष सतर्कता बरतते रहे हैं। लगातार सुरक्षा अभियानों के बाद क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों में कमी आने की बात बताई गई है।
हालांकि, मौजूदा बरामदगी को किसी माओवादी गतिविधि, विस्फोटक सामग्री या आपराधिक योजना से जोड़ने वाली कोई पुष्टि अभी नहीं हुई है। सिलेंडरों के बारे में जांच पूरी होने से पहले उनके इस्तेमाल को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। पुलिस संबंधित परिस्थितियों और संभावित स्रोत की पड़ताल कर रही है।
संयुक्त अभियान में सीआरपीएफ की 172वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट श्रीजी मधु, कुल्ही पुलिस पिकेट के सीआरपीएफ इंस्पेक्टर श्रीनिस दुबे, बड़गड़ थाना के एसआई संतोष कुमार उपाध्याय और हवलदार गंधर्व महतो समेत कई जवान शामिल थे। जांच के बाद ही बरामद सिलेंडरों से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।