बोकारो जिले के बेरमो क्षेत्र में मंगलवार को रुक-रुक कर हुई बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। फुसरो नगर परिषद के कई निचले इलाकों में जलजमाव के बाद पानी गलियों, आंगनों और घरों के कमरों तक पहुंच गया। बेरमो, गोमिया, चंद्रपुरा, नावाडीह और पेटरवार के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश के कारण लोगों की परेशानी बढ़ी है।
फुसरो के रहीमगंज, बाटा गली, शास्त्री नगर, पटेल नगर और ब्लॉक कॉलोनी सहित कई स्थानों पर पानी भरने की सूचना है। प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को घरों से आने-जाने में दिक्कत हुई। जगह-जगह पानी जमा होने से स्थानीय आवागमन बाधित हुआ और बाजारों पर भी असर पड़ा।
बारिश का प्रभाव क्षेत्र के औद्योगिक प्रतिष्ठानों के कामकाज पर भी देखा गया। सीसीएल, बीसीसीएल, डीवीसी और टीटीपीएस में गतिविधियां प्रभावित हुईं। सरकारी तथा गैर-सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में उपस्थिति पर भी असर पड़ने की बात सामने आई है।
तेनुघाट डैम का जलस्तर सुबह छह बजे 850.35 फीट दर्ज किया गया, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 852 फीट है। पिछले 24 घंटे में 139.20 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। डैम से करीब 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है और इसके लिए आठ रेडियल गेट तथा एक अंडर स्लुइस गेट खोला गया है।
बांध प्रशासन ने जलस्तर और पानी छोड़े जाने की जानकारी पश्चिम बंगाल के सिंचाई विभाग के साथ बोकारो व धनबाद जिला प्रशासन, बेरमो के अधिकारियों और संबंधित थानों को दी है। नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और फिलहाल नदी में नहीं जाने की अपील की गई है। जरूरत के अनुसार डैम के संचालन पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
चंद्रपुरा थर्मल के पास दामोदर नदी भी उफान पर रही। झरनाडीह डैम के समीप पानी का तेज बहाव देखा गया और श्मशान घाट के शेड तक नदी का पानी पहुंच गया। चंद्रपुरा-दुग्दा से तेलमच्चो पुल तक दामोदर लबालब दिखाई दी, जबकि जमुनिया नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। प्रखंड और अंचल अधिकारियों ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने को कहा है।