धनबाद के बेलगड़िया टाउनशिप में पुनर्वास आवासों की कमियां दूर करने के लिए संबंधित संवेदकों को एक महीने का समय दिया गया है। उपायुक्त सह झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी आदित्य रंजन ने कहा कि तय अवधि में निर्माण संबंधी दोष दूर नहीं किए गए तो संवेदक को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
समाहरणालय में हुई जेआरडीए प्रबंध पर्षद की बैठक में बेलगड़िया के विकास और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े 61 से अधिक प्रस्तावों की समीक्षा की गई। संशोधित झरिया मास्टर प्लान के तहत चल रही योजनाओं के साथ आधारभूत संरचना, कौशल विकास और वित्तीय प्रबंधन के विषयों पर भी विचार हुआ। वित्तीय वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट तथा 30 सितंबर 2026 तक इस्तेमाल किए गए और शेष फंड को मंजूरी दी गई।
बैठक में फेज-4 के आवासों को रहने योग्य बनाने के लिए उनकी कमियां और निर्माण दोष ठीक करने पर विशेष जोर रहा। फेज-5 के निर्माण कार्यों के लिए समय-सीमा तय करने पर भी विचार किया गया। अधिकारियों और कार्य एजेंसियों को योजनाएं निर्धारित अवधि में गुणवत्ता के साथ पूरी करने का निर्देश दिया गया।
टाउनशिप की बुनियादी सुविधाओं के लिए 5.2 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, टर्शियरी ट्रीटमेंट सिस्टम और सीवर नेटवर्क से संबंधित डीपीआर तथा निविदा दस्तावेजों पर चर्चा हुई। दामोदर नदी से बेलगड़िया तक प्रस्तावित जलापूर्ति योजना में करमाटांड़ पुनर्वास टाउनशिप को शामिल करने का विषय भी बैठक में रखा गया।
फेज-1 की 2,352 आवासीय इकाइयों पर लगे रूफटॉप सोलर संयंत्रों से ग्रिड को बिजली देने, नया विद्युत सब-स्टेशन बनाने और 500 सोलर एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना की समीक्षा की गई। जेआरडीए के सिविल निर्माण कार्यों में कम से कम 20 प्रतिशत स्थानीय अकुशल श्रमिकों को रोजगार देने तथा युवाओं के लिए आवासीय कौशल प्रशिक्षण शुरू करने के प्रस्ताव पर भी विचार हुआ।
स्वास्थ्य और परिवहन सुविधाओं के विस्तार के तहत हेल्थ सब-सेंटर के संचालन के लिए चिकित्सा पदाधिकारी व स्टाफ नर्स की नियुक्ति और दवा-उपकरण की उपलब्धता पर चर्चा की गई। पहले से चल रही दो इलेक्ट्रिक बसों के अतिरिक्त 40 सीटों वाली एक नई इलेक्ट्रिक बस खरीदने और स्कूली बच्चों के लिए दो वैन किराये पर लेने की प्रक्रिया की भी समीक्षा हुई।