सरायकेला-खरसावां में छूटे टोलों और घरों को हर घर जल योजना से जोड़ने का निर्देश

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने ग्रामीण पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए छूटे टोलों, गांवों और घरों की पहचान तथा पूरी हो चुकी योजनाओं का संचालन जल्द शुरू करने को कहा।

2 मिनट पढ़ें 3 बार पढ़ी गई
झारखंड24 का पूर्ण लोगो—प्रकाशक की लोगो-मात्र छवि के स्थान पर

सरायकेला-खरसावां जिले में जल जीवन मिशन के तहत नल-जल सुविधा से वंचित टोलों, गांवों और घरों को चिह्नित कर योजना से जोड़ने का निर्देश दिया गया है। समाहरणालय सभागार में हुई समीक्षा बैठक में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजनाओं की प्रगति और पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जानकारी ली।

बैठक में जल उपचार संयंत्रों, पाइपलाइन निर्माण, बहु-ग्रामीण और एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के साथ इंटरवेल निर्माण की योजनावार समीक्षा की गई। स्वच्छ भारत मिशन और हर घर जल योजना के क्रियान्वयन की स्थिति भी अधिकारियों के सामने रखी गई।

उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक छूटे हुए टोले, गांव और परिवार तत्काल चिह्नित किए जाएं। इसका उद्देश्य ऐसे परिवारों को नल-जल व्यवस्था के दायरे में लाना है, जिन्हें अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल सका है।

हर घर जल योजना के अंतर्गत लंबित प्रमाणन और उससे जुड़ी औपचारिकताओं को तय समय में पूरा करने का निर्देश भी दिया गया। इसके साथ ही योजनाओं की कागजी प्रगति के बजाय मौके पर उनकी वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

समीक्षा में उन योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया जिनका निर्माण पूरा हो चुका है। उपायुक्त ने ऐसी योजनाओं का संचालन शीघ्र शुरू कराने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनके हस्तांतरण की कार्रवाई पूरी करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण पूरा होना ही पर्याप्त नहीं है; ग्रामीण परिवारों तक नियमित पेयजल पहुंचाना भी संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों की जिम्मेदारी है।

जिन स्थानों पर संरचनात्मक निर्माण हो चुका है, वहां पाइपलाइन बिछाने और बाकी कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने का निर्देश दिया गया। कई योजनाओं की धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए संबंधित अभियंताओं को कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण करने और अद्यतन प्रगति से जिला मुख्यालय को अवगत कराने को कहा गया है।