बोकारो में बकाया मानदेय से नाराज करीब 700 संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने बुधवार को सिविल सर्जन कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने दुर्गा पूजा से पहले लंबित राशि का भुगतान करने की मांग की, ताकि वे अपने परिवार के साथ त्योहार मना सकें। कर्मचारियों ने भुगतान में लगातार हो रही देरी पर नाराजगी भी जताई।
कर्मचारियों के अनुसार, पुरानी कंपनी राइडर के अधीन काम करने की अवधि का 49 दिनों का मानदेय अभी बाकी है। उनका यह भी कहना है कि वर्तमान कंपनी जी अलर्ट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड से पिछले दो महीने का भुगतान नहीं मिला है। इसी दोहरे बकाये को लेकर स्वास्थ्यकर्मी सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचे और समाधान की मांग की।
प्रदर्शन के बीच कंपनी के प्रतिनिधियों, सिविल सर्जन और कर्मचारियों के बीच वार्ता हुई। सिविल सर्जन ने पूजा से पहले लंबित मानदेय का भुगतान कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि कंपनी ने दो दिनों के भीतर भुगतान नहीं किया तो उसके विरुद्ध कार्रवाई के लिए सरकार से अनुशंसा की जाएगी।
वार्ता में केवल मानदेय ही नहीं, बल्कि जॉइनिंग लेटर और पहचान पत्र का विषय भी उठाया गया। कर्मचारियों का दावा है कि वे नौ महीने से मौखिक व्यवस्था के आधार पर काम कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें औपचारिक नियुक्ति पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे सेवा से जुड़े दस्तावेजों को लेकर भी उनकी चिंता बनी हुई है।
इस मुद्दे पर सिविल सर्जन ने कहा कि अधिकतर कर्मचारियों को जॉइनिंग लेटर दिया जा चुका है और कुछ कर्मियों के दस्तावेज अभी बाकी हैं। कंपनी के प्रतिनिधि ने भी नियुक्ति पत्र तैयार किए जाने की जानकारी दी। दोनों पक्षों के बयानों के बाद अब शेष कर्मचारियों को दस्तावेज मिलने का इंतजार है।
घेराव और वार्ता के बाद स्वास्थ्यकर्मियों की नजर दो दिनों के भीतर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है। उनकी प्रमुख अपेक्षा बकाया मानदेय का वास्तविक भुगतान और लंबित नियुक्ति दस्तावेजों की उपलब्धता है। फिलहाल प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है, जबकि भुगतान पूरा होने की पुष्टि अभी बाकी है।