चाईबासा में पशुपालन विभाग के कर्मचारियों ने दो महीने से लंबित वेतन के भुगतान सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विभागीय अधिकारियों को मांग-पत्र सौंपा है। झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की जिला शाखा से जुड़े कर्मचारियों ने दुर्गापूजा से पहले वेतन जारी करने का आग्रह किया है।
कर्मचारियों की ओर से 14 अक्टूबर को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव और पशुपालन निदेशक को मांग-पत्र दिया गया। इसमें कहा गया है कि पिछले दो महीने का वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। त्योहार के दौरान घरेलू खर्चों का प्रबंधन भी प्रभावित होने की बात कही गई है।
मांग-पत्र में तृतीय और चतुर्थ वर्ग के सभी कर्मचारियों का बकाया वेतन दुर्गापूजा से पहले सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से रखी गई है। इसके लिए जिला पशुपालन पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध भी किया गया है।
कर्मचारियों ने पशु चिकित्सक संवर्ग के पुनर्गठन के बाद तृतीय और चतुर्थ वर्ग के कर्मियों के साथ कथित भेदभाव का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि पदों को समाप्त करने तथा प्रोन्नति और वेतनमान से जुड़े निर्णयों के कारण कर्मचारियों में असंतोष है। इन दावों पर विभाग का पक्ष उपलब्ध विवरण में सामने नहीं आया है।
प्रतिनिधियों ने पशुधन सहायक, प्रावैधिक सहायक और चतुर्थ वर्ग के पद समाप्त करने के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है। उनका आग्रह है कि इन पदों को पहले की तरह यथावत रखा जाए। प्रखंड पशुपालन कार्यालयों और पशु चिकित्सालयों में उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का विषय भी मांग-पत्र में शामिल है।
इसके अतिरिक्त सभी संवर्गों को पदसोपान के अनुरूप प्रोन्नति और संशोधित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना यानी एमएसीपी का लाभ देने की मांग की गई है। कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारियों से सभी लंबित विषयों पर शीघ्र निर्णय लेने और त्योहार से पहले वेतन भुगतान की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।