बोकारो जिले में कालापत्थर गांव के पानीटंकी मोड़ से डुमरदाहा गांव तक जाने वाली करीब साढ़े आठ किलोमीटर लंबी सड़क जर्जर हो गई है। लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से ग्रामीण कार्य विभाग के माध्यम से बनी इस सड़क पर कई स्थानों पर बड़े गड्ढे उभर आए हैं। इससे रोजाना इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले ग्रामीणों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यह सड़क चास-धनबाद मुख्य मार्ग से जुड़ती है और कालापत्थर, सियालगजरा, रजकटोला, भुईयाडीह, कुम्हरी, मोदीडीह, ब्राह्मण द्वारिका तथा डुमरदाहा सहित आसपास के गांवों के लिए संपर्क मार्ग का काम करती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इसकी खराब हालत का असर क्षेत्र के हजारों लोगों के आवागमन पर पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सूखे मौसम में लोग किसी तरह गड्ढों से बचकर निकल जाते हैं, लेकिन बारिश के दौरान समस्या बढ़ जाती है। गड्ढों में पानी भरने के कारण सड़क की सतह और गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। दोपहिया और तीन पहिया वाहनों के चालकों को अधिक जोखिम उठाना पड़ता है, जबकि रात में कम दृश्यता से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि बदहाल सड़क के कारण यहां पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। मुखिया दिनेश कुमार रजक, पंचायत समिति सदस्य मनपुरण रजक और अन्य ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि विभाग और जनप्रतिनिधियों को समस्या की जानकारी कई बार दी गई, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द मरम्मत शुरू नहीं होने पर आसपास के गांवों के लोग संयुक्त रूप से आंदोलन करेंगे। उनकी मांग है कि गड्ढों को भरने तक सीमित रहने के बजाय सड़क को सुरक्षित आवागमन योग्य बनाया जाए, ताकि बारिश और रात के समय वाहन चालकों को होने वाली कठिनाई कम हो सके।
जिला परिषद सदस्य रिम्पा चक्रवर्ती ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए अनियमितता का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि यह विषय जिला परिषद की बैठकों में भी उठाया गया और निर्माण कार्य की जांच की मांग की गई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधि ने सड़क की मरम्मत के साथ निष्पक्ष जांच कराने की मांग दोहराई है।