बोकारो में जियाडा की समिति ने 18 औद्योगिक प्रस्तावों पर लिया निर्णय, स्थानीय रोजगार पर जोर

जियाडा की प्रोजेक्ट क्लियरेंस कमेटी ने लीज अधिकार हस्तांतरण और आइटम परिवर्तन से जुड़े 18 मामलों पर विचार किया। उपायुक्त ने उद्योगों से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर बढ़ाने को कहा।

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बोकारो में जियाडा प्रोजेक्ट क्लियरेंस कमेटी की बैठक करते अधिकारी

बोकारो में झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जियाडा) की प्रोजेक्ट क्लियरेंस कमेटी ने मंगलवार को 18 औद्योगिक प्रस्तावों पर विचार कर नियमानुसार निर्णय लिया। उपायुक्त सह जियाडा के क्षेत्रीय निदेशक अजय नाथ झा की अध्यक्षता में यह बैठक समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में हुई।

बैठक के एजेंडे में लीज होल्ड राइट ट्रांसफर से संबंधित 10 मामले शामिल थे। अतिरिक्त आइटम और आइटम परिवर्तन से जुड़े आठ अन्य मामलों को भी समिति के सामने रखा गया। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रस्तावों के दस्तावेज और प्रक्रियागत स्थिति की जानकारी दी।

उपायुक्त ने औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता बताई। बैठक में अलग-अलग उद्योगों में उपलब्ध और सृजित रोजगार की स्थिति की भी जानकारी ली गई।

बैठक में विस्थापितों और स्थानीय निवासियों को रोजगार में प्राथमिकता देने की बात कही गई। उद्योगों को स्थानीय स्तर पर नौकरियों की संभावनाएं बढ़ाने और कौशल प्राप्त युवाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करने का निर्देश दिया गया। प्रशासन और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय को भी जरूरी बताया गया।

उपायुक्त ने कहा कि जिले में संचालित छोटे और बड़े उद्योग बोकारो के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने उद्योगों से अपनी जरूरत के अनुरूप स्थानीय युवाओं के कौशल विकास को प्रोत्साहित करने की अपेक्षा जताई, ताकि उपलब्ध अवसरों से जिले के युवाओं को जोड़ा जा सके।

बैठक में जियाडा के क्षेत्रीय उपनिदेशक और सहायक विकास पदाधिकारी के अलावा जेबीवीएनएल चास, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, बैंक ऑफ इंडिया, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति उद्यमी विकास संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। समिति की चर्चा औद्योगिक प्रस्तावों की प्रक्रियागत समीक्षा, नियमों के अनुपालन और स्थानीय रोजगार पर केंद्रित रही।