बोकारो के चास और सेक्टर-4 थाना क्षेत्रों में चेन स्नैचिंग की लगातार तीन घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। ये वारदातें 14 से 16 सितंबर के बीच हुईं और तीनों मामलों में आरोपी मौके से भाग निकले। पुलिस उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
जांच के लिए गठित संयुक्त पुलिस टीम का नेतृत्व सिटी डीएसपी राजीव रंजन और सेक्टर-4 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संजय कुमार कर रहे हैं। टीम संभावित ठिकानों पर छापेमारी करने के साथ संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। बोकारो एसपी नाथू सिंह मीणा के अनुसार, मामलों की जांच एसआईटी कर रही है और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।
पुलिस जांच में बिहार के कटिहार से जुड़े बताए जा रहे कोढ़ा गिरोह और ओडिशा के दास गिरोह के सदस्यों की संभावित संलिप्तता का संदेह सामने आया है। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी गिरोह की भूमिका की अंतिम पुष्टि नहीं की है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हाल की घटनाओं के पीछे कौन लोग थे।
पुलिस के मुताबिक, जुलाई में भी शहर में ऐसी घटनाएं हुई थीं। उस समय सेक्टर-4 पुलिस ने महाराष्ट्र से जुड़े बताए गए वासवानी गिरोह और दास गिरोह के एक-एक सदस्य को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद कुछ समय तक वारदातों में कमी आई, लेकिन सितंबर में तीन नए मामले दर्ज होने से पुलिस फिर सक्रिय हुई है।
जांचकर्ता कटिहार, गयाजी और रांची में संदिग्धों के संभावित अस्थायी ठिकानों से जुड़े पहलुओं को भी देख रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि वारदात के बाद आरोपी बोकारो में अधिक समय तक नहीं रुकते। छिनतई के सामान को दूसरे स्थान पर खपाए जाने की संभावना की भी पड़ताल की जा रही है।
सिटी डीएसपी ने मकान मालिकों से किरायेदार रखने से पहले पुलिस सत्यापन कराने की अपील की है। उन्होंने आधार कार्ड सहित जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखने और किरायेदार की जानकारी संबंधित थाने को देने की सलाह दी। पुलिस का कहना है कि सत्यापन से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और अपराध की रोकथाम में मदद मिल सकती है।