बोकारो स्टील सिटी के सेक्टर-12ई में छह फ्लैटों का हिस्सा गिरने के बाद आवासीय क्वार्टरों की सुरक्षा पर नए सिरे से सवाल उठे हैं। शुक्रवार सुबह हुई घटना के अगले दिन चास की एसडीएम प्रांजल ढांडा ने मौके का निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी ली और जांच शुरू की।
एसडीएम के अनुसार, ये क्वार्टर लंबे समय से उपयोग में हैं और इनकी नियमित मरम्मत जरूरी थी, लेकिन आवश्यक रखरखाव नहीं किया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, गिरे हुए क्वार्टर की पिछली मरम्मत 2024 में हुई थी। निरीक्षण के दौरान क्षतिग्रस्त हिस्से और आसपास के आवासों की स्थिति देखी गई।
प्रशासन के लिए चिंता की प्रमुख वजह यह है कि जिस क्वार्टर का हिस्सा गिरा, उसे पहले से क्षतिग्रस्त घोषित नहीं किया गया था। उसके ऊपरी तल पर भी लोग रह रहे थे। एसडीएम ने कहा कि घटना के समय घर में अधिक लोगों की मौजूदगी नहीं होना राहत की बात रही, अन्यथा नुकसान बड़ा हो सकता था।
क्षेत्र के करीब 160 क्वार्टर पहले से असुरक्षित बताए गए हैं। पिछली जांच काफी पहले होने के कारण एसडीएम ने सेक्टर-12 के सभी क्वार्टरों का दोबारा परीक्षण कराने की जरूरत जताई है। उन्होंने इस संबंध में बोकारो के उपायुक्त को सिफारिश भेजने की बात कही है।
दूसरी ओर, बोकारो स्टील लिमिटेड के कम्युनिकेशन ऑफिसर मणिकांत धान के मुताबिक जुलाई 2026 में सीढ़ी गिरने की एक घटना के बाद संबंधित ब्लॉक को असुरक्षित घोषित किया गया था। बीएसएल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, एनआईटी पटना की संरचनात्मक ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर बोकारो इस्पात नगर के 169 आवासीय ब्लॉक अब तक रहने के लिए असुरक्षित घोषित किए जा चुके हैं।
बीएसएल का कहना है कि प्रभावित निवासियों को सुरक्षित आवास में स्थानांतरित होने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अब प्रशासन की प्रस्तावित दोबारा जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि सेक्टर-12 के किन अन्य क्वार्टरों में मरम्मत या स्थानांतरण की तत्काल आवश्यकता है।