रांची में भवन नियमितीकरण योजना के आवेदकों की प्रतीक्षा लंबी होती जा रही है। योजना की प्रक्रिया चलाने वाला ऑनलाइन पोर्टल करीब तीन महीने से बंद बताया गया है। इसके कारण झारखंड के विभिन्न नगर निकायों में जमा 4,500 से अधिक आवेदनों पर जांच और आगे की कार्रवाई रुकी हुई है।
राजधानी में लंबित मामलों की संख्या भी काफी अधिक है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, रांची नगर निगम में 1,642 और रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार में 539 आवेदन जमा हैं। दोनों संस्थाओं को मिलाकर 2,181 आवेदनों का निस्तारण पोर्टल दोबारा शुरू होने पर निर्भर है। राज्य के अन्य नगर निकायों में भी आवेदन लंबित पड़े हैं।
इस योजना के अंतर्गत नियमों के विपरीत या बिना स्वीकृत नक्शे के बने भवनों को निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद नियमित करने का अवसर दिया गया है। आवेदन जमा होने के बाद भवन से जुड़े दस्तावेजों और नक्शे की जांच की जानी है। अधिकारियों द्वारा आवेदन पर निर्णय और नियमितीकरण की अगली कार्रवाई भी ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से ही होनी है।
पोर्टल उपलब्ध नहीं होने के कारण आवेदन स्वीकार किए जाने के बावजूद फाइलों की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। अपनी अर्जियों की स्थिति जानने के लिए आवेदक नगर निगम और आरआरडीए के कार्यालय पहुंच रहे हैं। उन्हें फिलहाल पोर्टल चालू होने की प्रतीक्षा करने को कहा जा रहा है।
समस्या उन लोगों के लिए अधिक गंभीर है, जिन्होंने नियमितीकरण की उम्मीद में आवेदन के साथ निर्धारित शुल्क भी जमा कर दिया है। उन्हें यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही कि उनके दस्तावेजों की जांच कब शुरू होगी और प्रक्रिया पूरी होने में कितना समय लगेगा। पोर्टल बंद रहने से पूरी योजना की गति प्रभावित हुई है।
संबंधित अधिकारियों के अनुसार, लंबित आवेदनों की जांच और निस्तारण पोर्टल शुरू होने के बाद ही संभव होगा। फिलहाल पोर्टल बहाल होने की कोई निश्चित समय-सीमा उपलब्ध विवरण में नहीं बताई गई है। ऐसे में राज्यभर के हजारों आवेदकों को नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के लिए ऑनलाइन सेवा बहाल होने का इंतजार है।