भालसुमर दुर्गा मेले की बंदोबस्ती 1.52 लाख रुपये में, चार प्रतिभागी हुए शामिल

दुमका के रामगढ़ प्रखंड में वित्तीय वर्ष 2026-27 के भालसुमर दुर्गा मेले की डाक बंदोबस्ती पूरी हुई। सबसे ऊंची बोली लगाने वाले लिकेश दर्वे सफल डाकधारी बने।

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दुमका जिले के रामगढ़ प्रखंड में भालसुमर दुर्गा मेले के संचालन से जुड़ी डाक बंदोबस्ती की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आयोजित बोली में लिकेश दर्वे ने 1.52 लाख रुपये की सबसे ऊंची पेशकश की। इसके आधार पर बंदोबस्ती उनके नाम की गई।

यह प्रक्रिया भालसुमर पंचायत सभागार में आयोजित हुई। इसमें चार प्रतिभागियों—शंकर मांझी, लिकेश दर्वे, अखिलेश्वर मांझी और माता महाराणा—ने हिस्सा लिया। उपस्थित लोगों को बोली शुरू होने से पहले बंदोबस्ती की शर्तों, नियमों और निर्धारित सुरक्षित राशि की जानकारी दी गई।

मेले की बोली 1.50 लाख रुपये की सुरक्षित राशि से प्रारंभ हुई। प्रक्रिया के दौरान अखिलेश्वर मांझी, माता महाराणा और शंकर मांझी ने अपने नाम वापस ले लिए। इसके बाद लिकेश दर्वे की 1.52 लाख रुपये की बोली सर्वोच्च रही। उपलब्ध विवरण के अनुसार, किसी प्रतिभागी ने प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज नहीं कराई।

बंदोबस्ती के समय ग्राम प्रधान, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और सोलह आना रैयत के प्रतिनिधियों के साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी कमलेंद्र कुमार सिन्हा तथा रामगढ़ थाना प्रभारी मनीष कुमार मौजूद थे। बोली की कार्यवाही अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कराई गई।

सफल डाकधारी को लागू नियमों और शर्तों के अनुसार आगे की औपचारिकताएं पूरी करने तथा देय राशि जमा करने का निर्देश दिया गया। प्रखंड नाजिर अमित कुमार ने राशि प्राप्त की। मौके पर बीपीआरओ विनोद राम, एसआई अशोक चौरसिया, पंचायत समिति सदस्य नवनीत कुमार शेखर और अन्य प्रखंडकर्मी भी उपस्थित थे।

डाक बंदोबस्ती से वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान भालसुमर दुर्गा मेले के प्रबंधन की जिम्मेदारी तय हो गई है। प्रशासनिक स्तर पर पूरी की गई यह प्रक्रिया मेले के आयोजन से पहले आवश्यक वित्तीय और संचालन संबंधी व्यवस्था का हिस्सा है।