गढ़वा में बूढ़ापहाड़ से सटे मंडल डैम के डूब क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद हालात गंभीर हो गए हैं। उत्तरी कोयल नदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से चार से पांच गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। नदी का पानी कई गांवों में प्रवेश कर गया है और कुछ परिवारों ने पहाड़ी इलाकों में शरण ली है।
डूब क्षेत्र में करीब 780 परिवार रहते हैं। इनमें भजना और खुरा गांवों के 36 परिवारों को फिलहाल बाहर निकालकर मतगड़ी क्षेत्र में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। अन्य प्रभावित ग्रामीणों से भी सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की गई है।
निर्माणाधीन मंडल डैम का ढांचा तैयार है, लेकिन उसमें अभी गेट नहीं लगा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गेट वाले स्थान के पास गाद और लकड़ियां जमा होने के कारण नदी का पानी गांवों की ओर पहुंचा। आसपास की सहायक नदियों में भी उफान होने से प्रभावित बस्तियों तक पहुंचना कठिन हो गया है।
शहीद नीलांबर-पीतांबर के गांव चेमो सान्या को लेकर भी हाई अलर्ट जारी किया गया है। संपर्क कटने वाले गांवों तक राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को बाहर निकालने में बढ़े जलस्तर के कारण बचाव दल को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
पलामू टाइगर रिजर्व की ओर से प्रभावित इलाके में राहत और बचाव का काम शुरू किया गया है। स्थानांतरित किए गए 36 परिवारों को राशन और आवश्यक किट उपलब्ध कराई गई है। पहाड़ की चोटी पर ठहरे लोगों के लिए टेंट की व्यवस्था भी की गई है।
टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक प्रजेशकांत जेना के मुताबिक, कई गांवों का संपर्क टूटने के बाद राहत अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 36 परिवार सुरक्षित स्थान पर भेजे गए हैं और उन्हें राशन दिया गया है। पानी का स्तर अधिक होने के कारण अभियान को आगे बढ़ाने में कठिनाई बनी हुई है।