पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड में सोनापोस गांव के 127 राशन कार्डधारियों ने तीन महीने से अनाज नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए शनिवार को प्रखंड कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। लाभुकों ने प्रशासन को लिखित आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और लंबित राशन उपलब्ध कराने की मांग रखी।
अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए ग्रामीण सोनापोस से करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर प्रखंड कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि वे मजदूरी से परिवार चलाते हैं और भोजन की जरूरत पूरी करने के लिए सरकारी राशन पर निर्भर हैं। लगातार तीन महीने तक वितरण नहीं होने से उनके परिवारों के सामने परेशानी बढ़ गई है।
आवेदन में लाभुकों ने आरोप लगाया कि तारातारणि महिला समिति, बेताझोरी की ओर से संचालित जन वितरण प्रणाली की दुकान से उन्हें जून, जुलाई और अगस्त का चावल तथा गेहूं नहीं मिला। ग्रामीणों ने वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बकाया अनाज दिलाने की मांग की है।
कार्डधारियों ने डीलर पर अनाज के गबन का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इस आरोप की प्रशासनिक जांच अभी होनी है और उपलब्ध विवरण में संबंधित डीलर या समिति का पक्ष सामने नहीं आया है। इसलिए आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्ष के बाद ही हो सकेगी।
मझगांव के प्रखंड विकास पदाधिकारी विजय रंजन तिर्की ने शिकायत को गंभीर बताते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जांच में दोष सामने आने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। लाभुकों को अब जांच शुरू होने और तीन महीनों के कथित बकाया राशन के संबंध में प्रशासनिक निर्णय की प्रतीक्षा है।
यह मामला सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर निर्भर परिवारों तक नियमित रूप से अनाज पहुंचने से जुड़ा है। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि वितरण अभिलेखों और वास्तविक आपूर्ति की जांच की जाए, जिम्मेदारी तय हो और उन्हें नियमानुसार मिलने वाला लंबित चावल-गेहूं उपलब्ध कराया जाए।