रांची में झारखंड के सभी जिलों के एसपी और एसएसपी की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक मंगलवार, 29 सितंबर को बुलाई गई है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक का केंद्र महिला एवं बाल सुरक्षा, कमजोर वर्गों से जुड़े अपराध और लंबित मामलों की जांच रहेगा।
बैठक सुबह 11 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जानी है। सरकार के उप सचिव अजय कुमार सिंह की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों को अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों से अपने जिलों के संबंधित आंकड़े और जांच की अद्यतन रिपोर्ट साथ रखने को कहा गया है।
समीक्षा के एजेंडे में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की प्रगति शामिल है। जिलों से इन मामलों की जांच और निपटारे की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी ली जाएगी। लंबित प्रकरणों की संख्या और उनकी जांच की प्रगति भी समीक्षा का हिस्सा होगी।
पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामलों तथा महिलाओं के विरुद्ध गंभीर अपराधों की जांच पर भी चर्चा प्रस्तावित है। बैठक में यह देखा जाएगा कि अलग-अलग जिलों में मामले किस चरण में हैं और उनके लंबित रहने के क्या कारण हैं। उपलब्ध अद्यतन रिपोर्ट के आधार पर आगे के निर्देश दिए जाने की संभावना है।
लापता बच्चों की बरामदगी और उनसे संबंधित दर्ज मामलों की जांच प्रक्रिया भी बैठक के एजेंडे में रखी गई है। पुलिस अधिकारियों से जिलावार स्थिति और अब तक हुई कार्रवाई का विवरण मांगा गया है। इससे राज्य स्तर पर विभिन्न जिलों की प्रगति की एक साथ समीक्षा की जा सकेगी।
यह बैठक पहले 28 सितंबर को प्रस्तावित थी, लेकिन कार्यक्रम में संशोधन के बाद इसे 29 सितंबर के लिए तय किया गया। समीक्षा के माध्यम से गृह विभाग संगीन और संवेदनशील मामलों की जांच में तेजी तथा लंबित प्रकरणों के निपटारे की स्थिति पर जिलों से सीधी जानकारी लेगा।