महेशपुर में ग्राम प्रधानों ने पेसा नियमावली और प्रमाणपत्र सत्यापन प्रक्रिया पर की चर्चा

महेशपुर की मासिक समीक्षा बैठक में ग्राम प्रधानों ने प्रमाणपत्रों पर अनुशंसा, ग्रामसभा से सहायक सचिव के चयन और बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया पर विचार किया।

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महेशपुर में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में उपस्थित ग्राम प्रधान और पारंपरिक स्वशासन प्रतिनिधि

पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित डाक बंगला परिसर में शुक्रवार को मांझी परगना लहंती वैसी की मासिक समीक्षा बैठक हुई। प्रखंड अध्यक्ष जितेंद्र मुर्मू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्राम प्रधानों और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था से जुड़े पदाधिकारियों ने पेसा नियमावली तथा ग्राम स्तर की प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर चर्चा की।

बैठक में गुड़ैत, प्रमाणिक, जोगमांझी, नायकी और कुड़ाम सहित विभिन्न पारंपरिक पदों पर कार्यरत प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के निवासियों के जाति, निवास और आय प्रमाणपत्र जारी करने से जुड़ी सत्यापन व्यवस्था पर विचार रखा।

बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इन प्रमाणपत्रों के आवेदन या सत्यापन के दौरान ग्राम प्रधान की अनुशंसा को अनिवार्य किया जाए। पारंपरिक स्वशासन प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में भी ग्राम प्रधान की अनुशंसा सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।

प्रतिनिधियों को अंचल अधिकारी के निर्देश के अनुसार झारखंड सरकार की पेसा कानून नियमावली 2025 से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी गई। इसमें ग्रामसभा द्वारा सहायक सचिव के चयन और गांव के लिए बैंक खाता खोलने से संबंधित विषय शामिल थे।

चर्चा के दौरान ग्राम प्रधानों को सहायक सचिव के चयन तथा बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया विस्तार से बताई गई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि संबंधित ग्राम प्रधान गांव के विकास से जुड़े कार्यों और निर्धारित प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

बैठक में जितेंद्र मुर्मू के अलावा बबलू मरांडी, स्टीफन हेंब्रम, किष्टो मुर्मू, सुभाष किस्कू, रमेश टुडू, कमलाकांत मुर्मू, जुनास मरांडी, बिवियाना मुर्मू और अनिता मरांडी समेत बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान शामिल हुए। बैठक के निर्णय प्रमाणपत्र सत्यापन और ग्रामस्तरीय व्यवस्था में पारंपरिक प्रतिनिधियों की भूमिका पर केंद्रित रहे।