रांची जिले के मांडर प्रखंड के सुरसा गांव में 35 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म-7 जमा किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामला बूथ संख्या 191 से जुड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजनीतिक दलों से संबंधित दो बूथ लेवल एजेंटों ने ये आवेदन स्वयं भरकर बूथ लेवल अधिकारी के पास जमा किए थे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फॉर्म-7 में कुछ मतदाताओं को अनुपस्थित और कुछ को स्थायी रूप से स्थानांतरित बताया गया था। बूथ लेवल अधिकारी को आवेदनों पर संदेह हुआ तो उन्होंने इसकी जानकारी गांव के लोगों और अंचल अधिकारी को दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन 35 लोगों के नाम हटाने के आवेदन दिए गए, वे गांव में ही रह रहे हैं।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि आवेदन जमा करने वाले एजेंटों ने बूथ लेवल अधिकारी पर फॉर्म पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया। इसके बाद अधिकारी ने सभी संबंधित आवेदन अंचल अधिकारी को सौंप दिए। उपलब्ध विवरण में किसी मतदाता का नाम वास्तव में सूची से हटाए जाने की पुष्टि नहीं की गई है।
प्रकरण की जानकारी मिलने के बाद गांव के लोगों ने नाराजगी जताई। बुधवार को अंजुमन इस्लामिया कमेटी, सुरसा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मांडर की अंचल अधिकारी सह सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी चंचला कुमारी और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, विवादित फॉर्म छह सितंबर को जमा किए गए थे। बूथ लेवल अधिकारी की ओर से संदेह जताए जाने के बाद मामला सामने आया। फिलहाल उपलब्ध सूचना ग्रामीणों के आरोप और संबंधित आवेदनों पर उठे सवालों तक सीमित है; जांच के निष्कर्ष या किसी व्यक्ति पर औपचारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों को अंचल अधिकारी ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। अब प्रशासनिक जांच से ही स्पष्ट होगा कि फॉर्म किस आधार पर भरे और जमा किए गए तथा निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं। मामले में संबंधित अधिकारियों के अगले निर्णय की प्रतीक्षा है।