मानव संपदा पोर्टल बंद रहने से पदोन्नति में बाधा, मुख्य सचिव ने तीन सदस्यीय समिति बनाई

संपत्ति घोषणा नहीं कर पाने वाले राज्य सेवा और पुलिस अधिकारियों की पदोन्नति संबंधी परेशानी के समाधान के लिए मुख्य सचिव ने पोर्टल दोबारा खोलने की संभावना पर रिपोर्ट मांगी है।

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रांची में मानव संपदा पोर्टल की समीक्षा के लिए गठित समिति से जुड़ी सांकेतिक तस्वीर

रांची में मानव संपदा पोर्टल बंद रहने से संपत्ति का विवरण जमा नहीं कर पाए अधिकारियों की पदोन्नति से जुड़ी परेशानी के समाधान की पहल की गई है। मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने पोर्टल दोबारा खोले जाने की संभावना की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है। समिति से पूरे मामले का अध्ययन कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।

समिति का नेतृत्व विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह करेंगे। इसमें कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव चंद्रशेखर को भी शामिल किया गया है। अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर पोर्टल के संबंध में आगे का निर्णय लिए जाने की संभावना है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मानव संपदा पोर्टल बंद होने के कारण राज्य सेवा के करीब एक हजार पदाधिकारी अपनी संपत्ति की घोषणा नहीं कर पा रहे हैं। विशेष अभियान में व्यस्त रहे लगभग 300 कनीय पुलिस अधिकारी भी निर्धारित समय में विवरण दाखिल नहीं कर सके। संपत्ति घोषणा पूरी नहीं होने से इन अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

मामला सामने आने के बाद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मुख्य सचिव को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया था। गृह विभाग ने भी कनीय पुलिस अधिकारियों को अवसर देने के लिए पोर्टल खोलने की अनुशंसा की थी। इसके बावजूद अब तक पोर्टल दोबारा नहीं खुल सका है।

मानव संपदा पोर्टल सामान्य रूप से हर वर्ष जनवरी और फरवरी में खोला जाता है। इसी माध्यम से राज्य सेवा तथा पुलिस सेवा के पदाधिकारी अपनी संपत्ति का वार्षिक विवरण दर्ज करते हैं। तय अवधि में प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाने वाले अधिकारियों के लिए वर्तमान व्यवस्था में घोषणा जमा करने का रास्ता उपलब्ध नहीं है।

समिति अब इस बात की समीक्षा करेगी कि छूटे हुए अधिकारियों को संपत्ति विवरण दाखिल करने के लिए अतिरिक्त अवसर किस प्रकार दिया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट में पोर्टल को करीब एक सप्ताह के लिए खोलने की संभावना बताई गई है, हालांकि इसकी अवधि या तारीख पर अभी अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। समिति की रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।