झारखंड में इस मानसून सीजन की कुल बारिश सामान्य के करीब रही है, लेकिन जिलों के बीच वर्षापात का अंतर काफी बड़ा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एक जून से चार सितंबर 2026 तक राज्य में 822.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। इस अवधि का सामान्य वर्षापात 831.8 मिलीमीटर है। इस तरह पूरे राज्य में सामान्य से केवल एक प्रतिशत कम बारिश हुई है।
पाकुड़ में स्थिति राज्य के औसत से अलग है। जिले में इस अवधि के दौरान 495.4 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य वर्षापात 935.7 मिलीमीटर है। यहां सामान्य के मुकाबले 47 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई, जो झारखंड के सभी जिलों में सबसे बड़ी कमी है।
पाकुड़ के बाद देवघर में सामान्य से 34 प्रतिशत और चतरा में 32 प्रतिशत कम वर्षापात हुआ। कोडरमा में 24 प्रतिशत, गिरिडीह और गुमला में 23-23 प्रतिशत तथा हजारीबाग में 21 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। गोड्डा में यह अंतर 18 प्रतिशत, गढ़वा में 15 प्रतिशत और दुमका व पलामू में 11-11 प्रतिशत रहा।
इसके विपरीत पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई। जिले में 1268.3 मिलीमीटर वर्षापात दर्ज किया गया, जबकि सामान्य आंकड़ा 839.2 मिलीमीटर है। यानी यहां सामान्य से 51 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जिसे मौसम विभाग के मुताबिक अतिवृष्टि की श्रेणी में रखा गया है।
पूर्वी सिंहभूम, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, रांची, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में बारिश सामान्य रही। इन जिलों में सामान्य वर्षापात की तुलना में एक से 19 प्रतिशत तक अधिक बारिश दर्ज हुई। वहीं बोकारो, रामगढ़, धनबाद और जामताड़ा समेत कुल 16 जिले सामान्य से कम बारिश वाले जिलों में शामिल रहे।
मौसम विभाग ने पांच से सात सितंबर के बीच झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में गर्जन और वज्रपात के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। आठ सितंबर से मौसम में फिर बदलाव की संभावना है। राज्य का समग्र आंकड़ा सामान्य दिखने के बावजूद जिलावार स्थिति बारिश के असमान वितरण को रेखांकित करती है।