मालदा-साहिबगंज रेलखंड पर 65 घंटे बाद परिचालन बहाल, क्षतिग्रस्त पटरी की मरम्मत पूरी

तिलडांगा और न्यू फरक्का के बीच भू-धंसान से प्रभावित रेल पटरी की मरम्मत पूरी होने के बाद सुरक्षा जांच और ट्रायल कराया गया। इसके बाद रेल परिचालन फिर शुरू किया गया।

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तिलडांगा-न्यू फरक्का के बीच मरम्मत के बाद रेल पटरी का निरीक्षण करते अधिकारी

साहिबगंज से जुड़े मालदा-साहिबगंज रेलखंड पर करीब 65 घंटे से प्रभावित रेल परिचालन शनिवार शाम बहाल कर दिया गया। तिलडांगा और न्यू फरक्का स्टेशनों के बीच भू-धंसान से क्षतिग्रस्त पटरी की मरम्मत पूरी होने के बाद ट्रैक तथा ओवरहेड विद्युत उपकरणों की अंतिम सुरक्षा जांच की गई। इसके बाद पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडेय ने परिचालन शुरू कराया।

महाप्रबंधक ने न्यू फरक्का पहुंचकर बहाली कार्य का निरीक्षण किया। उनके साथ प्रधान मुख्य अभियंता विक्रम गुप्ता, प्रधान मुख्य इंजीनियर राघवेंद्र सारस्वत, अन्य वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता और मालदा मंडल की टीम मौजूद थी। निरीक्षण के दौरान ट्रैक, ओएचई और मरम्मत से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई तथा सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।

मरम्मत के बाद अप लाइन पर ओएचई निरीक्षण कार का ट्रायल रन कराया गया। निरीक्षण कार बहाल हिस्से से सुरक्षित गुजरी। डाउन लाइन से एक मालगाड़ी का भी परिचालन किया गया। इन परीक्षणों के बाद यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही शुरू होने से साहिबगंज मार्ग के यात्रियों को राहत मिली है।

पटरी प्रभावित रहने के कारण शनिवार को मालदा-आजिमगंज पैसेंजर, मालदा टाउन-साहिबगंज मेमू, साहिबगंज-आजिमगंज मेमू और भागलपुर-आजिमगंज पैसेंजर सहित कई सेवाएं रद्द करनी पड़ी थीं। मालदा टाउन-नई दिल्ली, भटिंडा-बालूरघाट और उधना-मालदा टाउन एक्सप्रेस को कटिहार मार्ग से चलाया गया था। पाकुड़-हावड़ा लाइन की ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव किया गया था।

रेलवे कर्मियों ने बुधवार रात करीब एक बजे नियमित निगरानी के दौरान अप लाइन पर जमीन धंसने की स्थिति देखी थी। इसके बाद एहतियात के तौर पर इस मार्ग पर परिचालन रोक दिया गया। शुरुआत में प्रभावित हिस्सा छोटा था, लेकिन गुरुवार रात तक करीब 80 मीटर क्षेत्र में मिट्टी दो मीटर तक धंस गई थी।

बहाली के लिए मजदूरों और तकनीकी टीमों ने अलग-अलग पालियों में दिन-रात काम किया। लगातार तीन दिनों के मरम्मत अभियान के बाद शनिवार शाम कार्य पूरा हुआ। अंतिम जांच और परीक्षण सफल रहने पर रेलखंड को दोबारा परिचालन के लिए खोला गया।