रांची जिले के मांडर प्रखंड में 27 और 28 अक्टूबर को आयोजित होने वाले ऐतिहासिक मुड़मा जतरा के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था तैयार की है। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मेला क्षेत्र को चार सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर में पुलिस अधिकारियों के साथ पुरुष और महिला बल तैनात रहेगा।
उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी संयुक्त आदेश के अनुसार, मेले की गतिविधियां 26 अक्टूबर की दोपहर से शुरू होने के मद्देनजर दंडाधिकारियों और पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। सुरक्षा तथा प्रशासनिक व्यवस्था की निगरानी ग्रामीण एसपी और सदर अनुमंडल पदाधिकारी करेंगे।
मेला शुरू होने से लेकर उसके समापन तक एक विशेष नियंत्रण कक्ष लगातार काम करेगा। परिसर की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। आसपास के रास्तों और मेला क्षेत्र पर नजर रखने के लिए 21 गश्ती दल बनाए गए हैं, जो मोटरसाइकिल और चारपहिया वाहनों से गश्त करेंगे। प्रशासन ने अफवाह फैलाने और अव्यवस्था उत्पन्न करने वालों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया है।
आपात स्थिति के लिए रैपिड एक्शन पुलिस, हिट टीम तथा बम निरोधक एवं निष्क्रियकरण दस्ते को सतर्क रखा जाएगा। मेला परिसर में वाटर कैनन, आंसू गैस दस्ता और अग्निशमन विभाग की दो बड़ी गाड़ियां तैनात रहेंगी। चिकित्सा सहायता के लिए चिकित्सकों की टीम के साथ चार एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएंगी। सेंट्रल यूनिवर्सिटी, ब्रांबे के गेस्ट हाउस को सुरक्षित आश्रय स्थल के रूप में चिह्नित किया गया है।
रांची-मांडर मार्ग पर यातायात सुचारू रखने की जिम्मेदारी यातायात एसपी को दी गई है। काठीटांड़ चौक, मुड़मा चौक और तिलता चौक सहित आठ प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त यातायात पुलिस तैनात की जाएगी। मेले में आने वाले वाहनों के लिए आठ अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं।
मुख्य मार्गों पर अनधिकृत वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए ड्रॉप गेट और बैरिकेडिंग भी की जाएगी। प्रशासन ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों और जवानों को तय समय पर ड्यूटी संभालने तथा मेला समाप्त होने तक सतर्क रहने का निर्देश दिया है। सुरक्षा प्रबंधों का उद्देश्य भीड़ के बीच व्यवस्था बनाए रखना और किसी आपात परिस्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है।