मुरहू में ‘साथिया’ प्रशिक्षण संपन्न, गांवों में किशोर स्वास्थ्य और एनीमिया पर करेंगे जागरूक

खूंटी के मुरहू में दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान पीयर एजुकेटर्स को किशोर स्वास्थ्य, पोषण, एनीमिया से बचाव और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की जानकारी दी गई।

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मुरहू में किशोर स्वास्थ्य और पोषण प्रशिक्षण में शामिल साथिया प्रतिभागी

खूंटी जिले के मुरहू प्रखंड सभागार में किशोर स्वास्थ्य और पोषण पर केंद्रित ‘साथिया’ यानी पीयर एजुकेटर्स का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। ग्रामीण आजीविका, स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किशोर-किशोरियों के बीच स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुंचाने के लिए साथिया को जरूरी ज्ञान और कौशल उपलब्ध कराना था।

प्रशिक्षण में किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि वे अपने क्षेत्रों में किशोर-किशोरियों को स्वस्थ व्यवहार अपनाने के लिए किस तरह जागरूक कर सकते हैं। स्वास्थ्य संबंधी समस्या की पहचान होने पर संबंधित किशोर को उचित स्वास्थ्य सेवा से जोड़ने की भूमिका पर भी चर्चा हुई।

एनीमिया की रोकथाम प्रशिक्षण का प्रमुख विषय रहा। साथिया को आयरन-फोलिक एसिड यानी आईएफए की खुराक, संतुलित और विविध भोजन तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध आयरन युक्त खाद्य पदार्थों के महत्व से अवगत कराया गया। उन्हें पोषण से जुड़ी यह जानकारी अपने गांवों और समुदाय तक पहुंचाने के लिए कहा गया।

कार्यक्रम में स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम और उमंग दिवस के उद्देश्यों पर भी जानकारी साझा की गई। किशोर स्वास्थ्य के क्षेत्र में इन कार्यक्रमों की भूमिका समझाई गई। विषयों को प्रभावी ढंग से समझाने के लिए वीडियो सत्र, समूह चर्चा और अन्य सहभागी गतिविधियां आयोजित की गईं।

समापन के दौरान प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में मिली जानकारी को अपने तक सीमित नहीं रखने की अपील की। किशोर स्वास्थ्य, पोषण, एनीमिया, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य और स्वस्थ व्यवहार के बारे में गांवों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथिया ने भी किशोर-किशोरियों और समुदाय तक जानकारी पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।

प्रशिक्षण के आयोजन में प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक, प्रखंड डाटा प्रबंधक, सभी बीटीटी, सहिया तथा सीआईएनआई के जिला समन्वयक, सुपरवाइजर और मोबिलाइजर ने सहयोग किया। आयोजकों के अनुसार, प्रशिक्षण से तैयार साथिया अपने-अपने क्षेत्रों में किशोरों तक स्वास्थ्य और पोषण की उपयोगी जानकारी पहुंचाने तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में भूमिका निभाएंगे।