पलामू जिले के मेदिनीनगर में बुधवार को झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के राज्यव्यापी बंद का असर दिखा। आंदोलनकारी सुबह रेड़मा चौक पर एकत्र हुए और सड़क जाम कर अपनी लंबित मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। कुछ प्रदर्शनकारी तीर-धनुष लेकर पहुंचे थे। जाम के कारण चौक से जुड़ी सड़कों पर वाहनों की कतार लग गई और सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ।
प्रदर्शन के दौरान कई आंदोलनकारी सड़क पर बैठ गए, जबकि कुछ लोग सड़क पर लेट गए। इससे वाहनों की आवाजाही रुक गई। जाम में स्कूली बच्चों और दूसरे राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रास्ता खुलवाने का प्रयास किया।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में अलग झारखंड राज्य के आंदोलन से जुड़े लोगों के लिए पेंशन लागू करना शामिल था। उन्होंने कहा कि यह मांग लंबे समय से सरकार के सामने रखी जा रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की जरूरत बताई।
मोर्चा ने जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के अधिकार सुनिश्चित करने का मुद्दा भी उठाया। इसके साथ ही गरीब आदिवासियों तथा अन्य जरूरतमंद लोगों की जमीन की रसीद जारी करने की व्यवस्था करने की मांग की गई। आंदोलनकारियों का कहना था कि जमीन से संबंधित प्रक्रियाओं में उन्हें अलग-अलग स्तर पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन का नेतृत्व मुरारी पांडेय, विकेश शुक्ला और मोर्चा के अन्य सदस्यों ने किया। आंदोलनकारी अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए सड़क पर उतरने की बात कहते रहे। उनकी ओर से प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताया गया, हालांकि सड़क बंद होने से स्थानीय यातायात और आम लोगों की आवाजाही बाधित रही।
पुलिस की मौजूदगी और बातचीत के बाद करीब साढ़े दस बजे रेड़मा चौक से जाम हटा लिया गया। इसके बाद सड़क पर वाहनों का परिचालन धीरे-धीरे सामान्य हुआ। प्रदर्शन समाप्त होने तक किसी मांग पर सरकारी निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई थी।